ईशान किसका है
ईशान कोण पूरे मंडल का सबसे संरक्षित कोना है। यह जल तत्व का है और शिव का, और हर परंपरा एक ही निर्देश पर सहमत है: इसे हल्का, स्वच्छ, खुला और नीचा रखिए। वास्तु के लगभग सभी गंभीर दोष इसी कोने पर भार डालने के किसी न किसी रूप हैं।
ईशान के दिक्पाल ईशान (शिव) हैं और इसका तत्व जल है। परंपरा यहां मुख्य द्वार, पूजा कक्ष, बैठक, अध्ययन कक्ष, जल टंकी रखती है।
अन्य नाम: ईशान कोण
ईशान कोण पूरे मंडल का सबसे संरक्षित कोना है। यह जल तत्व का है और शिव का, और हर परंपरा एक ही निर्देश पर सहमत है: इसे हल्का, स्वच्छ, खुला और नीचा रखिए। वास्तु के लगभग सभी गंभीर दोष इसी कोने पर भार डालने के किसी न किसी रूप हैं।
| मुख्य द्वार | उत्तम |
| रसोई | वर्जित |
| पूजा कक्ष | उत्तम |
| मुख्य शयनकक्ष | वर्जित |
| बच्चों का कक्ष | स्वीकार्य |
| बैठक | उत्तम |
| अध्ययन कक्ष | उत्तम |
| स्नानघर | वर्जित |
| सीढ़ी | वर्जित |
| जल टंकी | उत्तम |
नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।