पूर्व किसका है
पूर्व इंद्र की दिशा है और सूर्य की: पहली किरण, और वह दिशा जिसकी ओर परंपरा अध्ययन, पूजा और दिन के आरंभ को मोड़ती है। उत्तर की तरह यह भी भार नहीं, खुलापन चाहती है।
पूर्व के दिक्पाल इंद्र हैं। परंपरा यहां मुख्य द्वार, पूजा कक्ष, बच्चों का कक्ष, बैठक, अध्ययन कक्ष, जल टंकी रखती है।
पूर्व इंद्र की दिशा है और सूर्य की: पहली किरण, और वह दिशा जिसकी ओर परंपरा अध्ययन, पूजा और दिन के आरंभ को मोड़ती है। उत्तर की तरह यह भी भार नहीं, खुलापन चाहती है।
| मुख्य द्वार | उत्तम |
| रसोई | स्वीकार्य |
| पूजा कक्ष | उत्तम |
| मुख्य शयनकक्ष | स्वीकार्य |
| बच्चों का कक्ष | उत्तम |
| बैठक | उत्तम |
| अध्ययन कक्ष | उत्तम |
| स्नानघर | स्वीकार्य |
| सीढ़ी | स्वीकार्य |
| जल टंकी | उत्तम |
नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।