पूर्व वास्तु: तत्व, दिक्पाल और यहां कौन-से कक्ष आते हैं

संक्षेप में

पूर्व के दिक्पाल इंद्र हैं। परंपरा यहां मुख्य द्वार, पूजा कक्ष, बच्चों का कक्ष, बैठक, अध्ययन कक्ष, जल टंकी रखती है।

तत्व
तत्व नहीं, दिक्पाल से पहचानी जाती है
दिक्पाल
इंद्र
ग्रह
सूर्य

पूर्व किसका है

पूर्व इंद्र की दिशा है और सूर्य की: पहली किरण, और वह दिशा जिसकी ओर परंपरा अध्ययन, पूजा और दिन के आरंभ को मोड़ती है। उत्तर की तरह यह भी भार नहीं, खुलापन चाहती है।

कक्ष

मुख्य द्वारउत्तम
रसोईस्वीकार्य
पूजा कक्षउत्तम
मुख्य शयनकक्षस्वीकार्य
बच्चों का कक्षउत्तम
बैठकउत्तम
अध्ययन कक्षउत्तम
स्नानघरस्वीकार्य
सीढ़ीस्वीकार्य
जल टंकीउत्तम

पूर्व में सर्वोत्तम

मुख्य द्वारपूजा कक्षबच्चों का कक्षबैठकअध्ययन कक्षजल टंकी

नौ क्षेत्र

उत्तरईशानआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्यब्रह्मस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि कोई कक्ष ग़लत स्थान पर है तो क्या भवन दोबारा बनाना पड़ेगा?

नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।