ईशान में सर्वोत्तम
ईशान बैठक के लिए उसी कारण उपयुक्त है जिस कारण हर हल्की वस्तु के लिए है: यह सबसे संरक्षित और सबसे प्रकाशित कोना है। इसे भरा हुआ न रखें और फ़र्नीचर नीचा रखें।
ईशान किसका है
ईशान कोण पूरे मंडल का सबसे संरक्षित कोना है। यह जल तत्व का है और शिव का, और हर परंपरा एक ही निर्देश पर सहमत है: इसे हल्का, स्वच्छ, खुला और नीचा रखिए। वास्तु के लगभग सभी गंभीर दोष इसी कोने पर भार डालने के किसी न किसी रूप हैं।
बैठक का स्थान कहां
बैठक वह स्थान है जहां घर अतिथियों से मिलता है, इसलिए परंपरा इसे योजना के खुले, प्रकाशवाले भाग में रखती है और केवल कक्ष नहीं, बैठने की व्यवस्था भी देखती है: गृहस्वामी का मुख पूर्व या उत्तर की ओर।