दक्षिण वास्तु: तत्व, दिक्पाल और यहां कौन-से कक्ष आते हैं

संक्षेप में

दक्षिण के दिक्पाल यम हैं। परंपरा यहां सीढ़ी रखती है।

तत्व
तत्व नहीं, दिक्पाल से पहचानी जाती है
दिक्पाल
यम
ग्रह
मंगल

दक्षिण किसका है

दक्षिण यम की दिशा है, और यह प्रकाश नहीं, भार वहन करती है। परंपरा इसे ऊंचा और भारी बनाती है — मोटी दीवारें, भंडारण, वज़न — और द्वार-खिड़कियां सीमित रखती है।

कक्ष

मुख्य द्वारवर्जित
रसोईस्वीकार्य
पूजा कक्षवर्जित
मुख्य शयनकक्षस्वीकार्य
बच्चों का कक्षस्वीकार्य
बैठकस्वीकार्य
अध्ययन कक्षवर्जित
स्नानघरस्वीकार्य
सीढ़ीउत्तम
जल टंकीवर्जित
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दक्षिण में सर्वोत्तम

सीढ़ी

दक्षिण में वर्जित

मुख्य द्वारपूजा कक्षअध्ययन कक्षजल टंकी

नौ क्षेत्र

उत्तरईशानपूर्वआग्नेयनैऋत्यपश्चिमवायव्यब्रह्मस्थान
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि कोई कक्ष ग़लत स्थान पर है तो क्या भवन दोबारा बनाना पड़ेगा?

नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।