नैऋत्य किसका है
नैऋत्य कोण पृथ्वी का कोना है: योजना का सबसे भारी और सबसे स्थिर भाग। परंपरा यहां वह रखती है जो हिलना नहीं चाहिए, इसीलिए मुख्य शयनकक्ष और संरचनात्मक भार यहां आते हैं और जल नहीं।
नैऋत्य के दिक्पाल निऋति हैं और इसका तत्व पृथ्वी है। परंपरा यहां मुख्य शयनकक्ष, सीढ़ी रखती है।
अन्य नाम: नैऋत्य कोण
नैऋत्य कोण पृथ्वी का कोना है: योजना का सबसे भारी और सबसे स्थिर भाग। परंपरा यहां वह रखती है जो हिलना नहीं चाहिए, इसीलिए मुख्य शयनकक्ष और संरचनात्मक भार यहां आते हैं और जल नहीं।
| मुख्य द्वार | वर्जित |
| रसोई | वर्जित |
| पूजा कक्ष | वर्जित |
| मुख्य शयनकक्ष | उत्तम |
| बच्चों का कक्ष | वर्जित |
| बैठक | वर्जित |
| अध्ययन कक्ष | वर्जित |
| स्नानघर | वर्जित |
| सीढ़ी | उत्तम |
| जल टंकी | वर्जित |
नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।