आग्नेय वास्तु: तत्व, दिक्पाल और यहां कौन-से कक्ष आते हैं

संक्षेप में

आग्नेय के दिक्पाल अग्नि हैं और इसका तत्व अग्नि है। परंपरा यहां रसोई रखती है।

अन्य नाम: आग्नेय कोण

तत्व
अग्नि
दिक्पाल
अग्नि
ग्रह
शुक्र

आग्नेय किसका है

आग्नेय कोण अग्नि का कोना है, और अग्नि का स्थान यही है। रसोई, बॉयलर, बिजली का भार — परंपरा ताप को यहीं रखती है, क्योंकि अन्यत्र रखा ताप उस क्षेत्र को अस्थिर करता माना जाता है जहां वह पड़े।

कक्ष

मुख्य द्वारस्वीकार्य
रसोईउत्तम
पूजा कक्षवर्जित
मुख्य शयनकक्षवर्जित
बच्चों का कक्षवर्जित
बैठकस्वीकार्य
अध्ययन कक्षस्वीकार्य
स्नानघरस्वीकार्य
सीढ़ीस्वीकार्य
जल टंकीवर्जित

आग्नेय में सर्वोत्तम

रसोई

आग्नेय में वर्जित

पूजा कक्षमुख्य शयनकक्षबच्चों का कक्षजल टंकी

नौ क्षेत्र

उत्तरईशानपूर्वदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्यब्रह्मस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि कोई कक्ष ग़लत स्थान पर है तो क्या भवन दोबारा बनाना पड़ेगा?

नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।