उत्तर किसका है
उत्तर कुबेर की दिशा है, जिसे परंपरा धन और अवसरों के आगमन से जोड़ती है। इसे हल्का और खुला रखा जाता है: भारी भंडारण के बजाय द्वार, खिड़कियां और नीचे-खाली कोने।
उत्तर के दिक्पाल कुबेर हैं। परंपरा यहां मुख्य द्वार, बैठक, अध्ययन कक्ष, जल टंकी रखती है।
उत्तर कुबेर की दिशा है, जिसे परंपरा धन और अवसरों के आगमन से जोड़ती है। इसे हल्का और खुला रखा जाता है: भारी भंडारण के बजाय द्वार, खिड़कियां और नीचे-खाली कोने।
| मुख्य द्वार | उत्तम |
| रसोई | वर्जित |
| पूजा कक्ष | स्वीकार्य |
| मुख्य शयनकक्ष | वर्जित |
| बच्चों का कक्ष | स्वीकार्य |
| बैठक | उत्तम |
| अध्ययन कक्ष | उत्तम |
| स्नानघर | स्वीकार्य |
| सीढ़ी | वर्जित |
| जल टंकी | उत्तम |
नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।