पूर्व में बच्चों का कक्ष: यह वास्तु की दृष्टि से उत्तम क्यों है
संक्षेप में
पूर्व में बच्चों का कक्ष वही स्थान है जो परंपरा मांगती है — यह समझौता नहीं, उत्तम स्थिति है।
दिशा
पूर्व
तत्व
तत्व नहीं, दिक्पाल से पहचानी जाती है
दिक्पाल
इंद्र
ग्रह
सूर्य
पूर्व में सर्वोत्तम
पूर्व बच्चों के कक्ष के लिए उपयुक्त है: पहली किरण, वृद्धि, और वह प्रातःकालीन आरंभ जो परंपरा हर अध्ययनरत व्यक्ति के लिए चाहती है।
पूर्व किसका है
पूर्व इंद्र की दिशा है और सूर्य की: पहली किरण, और वह दिशा जिसकी ओर परंपरा अध्ययन, पूजा और दिन के आरंभ को मोड़ती है। उत्तर की तरह यह भी भार नहीं, खुलापन चाहती है।
बच्चों का कक्ष का स्थान कहां
बच्चों का कक्ष मुख्य शयनकक्ष से भिन्न पढ़ा जाता है: इसे भार नहीं, गति, वृद्धि और प्रातःकालीन प्रकाश चाहिए। परंपरा यहां अधिक उदार भी है, और विद्यार्थी तथा वयस्क संतानों के लिए स्थान प्रायः अलग-अलग बताए जाते हैं।
पूर्व — पूर्व बच्चों के कक्ष के लिए उपयुक्त है: पहली किरण, वृद्धि, और वह प्रातःकालीन आरंभ जो परंपरा हर अध्ययनरत व्यक्ति के लिए चाहती है।
यदि कोई कक्ष ग़लत स्थान पर है तो क्या भवन दोबारा बनाना पड़ेगा?
नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।