शुक्र गोचर

संक्षेप में

शुक्र इस समय तुला राशि में (वक्री) 13°33'26" पर गोचर कर रहा है। यह ५ नव॰ २०२६ को कन्या में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
तुला
Degree
13°33'26"
Motion
वक्री
अगला राशि परिवर्तन
कन्या · ५ नव॰ २०२६
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Venus (Shukra) transit colours relationships, pleasure, creativity and material comfort. It favours romance, art, and matters of harmony; its retrograde is a traditional caution for weddings and big purchases, and a prompt to revisit rather than begin.

आगामी गोचर

शुक्र कन्या में प्रवेश५ नव॰ २०२६
शुक्र तुला में प्रवेश२२ नव॰ २०२६
शुक्र वृश्चिक में प्रवेश१ जन॰ २०२७

शुक्र गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। शुक्र इस समय तुला में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषसप्तम भावकष्टकारी

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

वृषभषष्ठ भावकष्टकारी

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

मिथुनपंचम भावशुभ

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

कर्कचतुर्थ भावशुभ

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

सिंहतृतीय भावशुभ

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

कन्याद्वितीय भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

तुलाप्रथम भावशुभ

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

वृश्चिकद्वादश भावशुभ

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

धनुएकादश भावशुभ

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

मकरदशम भावकष्टकारी

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

कुंभनवम भावशुभ

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

मीनअष्टम भावशुभ

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्र अभी किस राशि में है?

शुक्र इस समय तुला राशि में 13°33'26" पर है और वक्री है।

शुक्र राशि कब बदलेगा?

शुक्र ५ नव॰ २०२६ को कन्या राशि में प्रवेश करेगा।

क्या शुक्र अभी वक्री है?

हाँ, शुक्र इस समय वक्री (retrograde) है।

शुक्र गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। शुक्र इस समय तुला में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।

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