शुक्र गोचर

संक्षेप में

शुक्र इस समय कन्या राशि में 24°46'58" पर गोचर कर रहा है। यह २ सित॰ २०२६ को तुला में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
कन्या
Degree
24°46'58"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
तुला · २ सित॰ २०२६

Venus (Shukra) transit colours relationships, pleasure, creativity and material comfort. It favours romance, art, and matters of harmony; its retrograde is a traditional caution for weddings and big purchases, and a prompt to revisit rather than begin.

आगामी गोचर

शुक्र तुला में प्रवेश२ सित॰ २०२६
शुक्र कन्या में प्रवेश५ नव॰ २०२६
शुक्र तुला में प्रवेश२२ नव॰ २०२६

शुक्र गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। शुक्र इस समय कन्या में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषषष्ठ भावकष्टकारी

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

वृषभपंचम भावशुभ

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

मिथुनचतुर्थ भावशुभ

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

कर्कतृतीय भावशुभ

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

सिंहद्वितीय भावशुभ

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

कन्याप्रथम भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

तुलाद्वादश भावशुभ

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

वृश्चिकएकादश भावशुभ

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

धनुदशम भावकष्टकारी

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

मकरनवम भावशुभ

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

कुंभअष्टम भावशुभ

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: शुक्र सुख, सुविधा और स्नेह लाता है।

मीनसप्तम भावकष्टकारी

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: शुक्र भोग-विलास और ध्यान भटकाव की ओर ले जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्र अभी किस राशि में है?

शुक्र इस समय कन्या राशि में 24°46'58" पर है।

शुक्र राशि कब बदलेगा?

शुक्र २ सित॰ २०२६ को तुला राशि में प्रवेश करेगा।

क्या शुक्र अभी वक्री है?

नहीं, शुक्र इस समय मार्गी (direct) है।

शुक्र गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। शुक्र इस समय कन्या में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।