बृहस्पति गोचर

संक्षेप में

बृहस्पति इस समय कर्क राशि में 18°24'19" पर गोचर कर रहा है। यह ३१ अक्टू॰ २०२६ को सिंह में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
कर्क
Degree
18°24'19"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
सिंह · ३१ अक्टू॰ २०२६

Jupiter (Guru / Brihaspati) transit is one of the most watched events in Vedic astrology, since it spends roughly a year in each sign and blesses the areas it aspects with growth, opportunity and good counsel. Its move into a new sign is an annual turning point for finance, learning, marriage and children.

आगामी गोचर

बृहस्पति सिंह में प्रवेश३१ अक्टू॰ २०२६
बृहस्पति कर्क में प्रवेश२४ जन॰ २०२७
बृहस्पति सिंह में प्रवेश२६ जून २०२७

बृहस्पति गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। बृहस्पति इस समय कर्क में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषचतुर्थ भावकष्टकारी

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

वृषभतृतीय भावकष्टकारी

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

मिथुनद्वितीय भावशुभ

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: बृहस्पति वृद्धि, सद्भाव और समय पर सहायता देता है।

कर्कप्रथम भावकष्टकारी

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

सिंहद्वादश भावकष्टकारी

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

कन्याएकादश भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: बृहस्पति वृद्धि, सद्भाव और समय पर सहायता देता है।

तुलादशम भावकष्टकारी

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

वृश्चिकनवम भावशुभ

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: बृहस्पति वृद्धि, सद्भाव और समय पर सहायता देता है।

धनुअष्टम भावकष्टकारी

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

मकरसप्तम भावशुभ

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: बृहस्पति वृद्धि, सद्भाव और समय पर सहायता देता है।

कुंभषष्ठ भावकष्टकारी

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: बृहस्पति की सहायता अप्रत्यक्ष रहती है, और अति करने का जोखिम रहता है।

मीनपंचम भावशुभ

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: बृहस्पति वृद्धि, सद्भाव और समय पर सहायता देता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृहस्पति अभी किस राशि में है?

बृहस्पति इस समय कर्क राशि में 18°24'19" पर है।

बृहस्पति राशि कब बदलेगा?

बृहस्पति ३१ अक्टू॰ २०२६ को सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

क्या बृहस्पति अभी वक्री है?

नहीं, बृहस्पति इस समय मार्गी (direct) है।

बृहस्पति गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। बृहस्पति इस समय कर्क में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।