मंगल गोचर

संक्षेप में

मंगल इस समय कर्क राशि में 12°38'39" पर गोचर कर रहा है। यह १२ नव॰ २०२६ को सिंह में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
कर्क
Degree
12°38'39"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
सिंह · १२ नव॰ २०२६
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Mars (Mangal) transit brings energy, initiative and the push to act. Well-placed it favours effort, sport and decisive moves; poorly handled it shows up as haste, disputes and accidents. Its retrograde periods are classic windows to slow down and avoid picking fights.

आगामी गोचर

मंगल सिंह में प्रवेश१२ नव॰ २०२६
मंगल कर्क में प्रवेश९ मार्च २०२७
मंगल सिंह में प्रवेश२६ अप्रैल २०२७

मंगल गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। मंगल इस समय कर्क में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषचतुर्थ भावकष्टकारी

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

वृषभतृतीय भावशुभ

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: मंगल ऊर्जा और आगे बढ़ने का साहस देता है।

मिथुनद्वितीय भावकष्टकारी

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

कर्कप्रथम भावकष्टकारी

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

सिंहद्वादश भावकष्टकारी

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

कन्याएकादश भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: मंगल ऊर्जा और आगे बढ़ने का साहस देता है।

तुलादशम भावकष्टकारी

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

वृश्चिकनवम भावकष्टकारी

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

धनुअष्टम भावकष्टकारी

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

मकरसप्तम भावकष्टकारी

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

कुंभषष्ठ भावशुभ

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: मंगल ऊर्जा और आगे बढ़ने का साहस देता है।

मीनपंचम भावकष्टकारी

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: मंगल उतावलापन, टकराव और अनावश्यक विवाद लाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल अभी किस राशि में है?

मंगल इस समय कर्क राशि में 12°38'39" पर है।

मंगल राशि कब बदलेगा?

मंगल १२ नव॰ २०२६ को सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

क्या मंगल अभी वक्री है?

नहीं, मंगल इस समय मार्गी (direct) है।

मंगल गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। मंगल इस समय कर्क में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।

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