बुध गोचर

संक्षेप में

बुध इस समय तुला राशि में 16°34'06" पर गोचर कर रहा है। यह २ दिस॰ २०२६ को वृश्चिक में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
तुला
Degree
16°34'06"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
वृश्चिक · २ दिस॰ २०२६
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Mercury (Budh) transit shapes thinking, speech, commerce and short journeys. Because Mercury never strays far from the Sun it changes signs often and turns retrograde several times a year — the well-known windows for double-checking messages, contracts and travel plans.

आगामी गोचर

बुध वृश्चिक में प्रवेश२ दिस॰ २०२६
बुध धनु में प्रवेश२२ दिस॰ २०२६
बुध मकर में प्रवेश९ जन॰ २०२७

बुध गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। बुध इस समय तुला में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषसप्तम भावकष्टकारी

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

वृषभषष्ठ भावशुभ

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

मिथुनपंचम भावकष्टकारी

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

कर्कचतुर्थ भावशुभ

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

सिंहतृतीय भावकष्टकारी

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

कन्याद्वितीय भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

तुलाप्रथम भावकष्टकारी

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

वृश्चिकद्वादश भावकष्टकारी

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

धनुएकादश भावशुभ

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

मकरदशम भावशुभ

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

कुंभनवम भावकष्टकारी

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: बुध ध्यान बिखेरता है और संवाद में भ्रम पैदा करता है।

मीनअष्टम भावशुभ

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार को तीक्ष्ण करता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध अभी किस राशि में है?

बुध इस समय तुला राशि में 16°34'06" पर है।

बुध राशि कब बदलेगा?

बुध २ दिस॰ २०२६ को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।

क्या बुध अभी वक्री है?

नहीं, बुध इस समय मार्गी (direct) है।

बुध गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। बुध इस समय तुला में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।

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