चंद्र गोचर

संक्षेप में

चंद्र इस समय कन्या राशि में 4°44'47" पर गोचर कर रहा है। यह ११ अक्टू॰ २०२६ को तुला में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
कन्या
Degree
4°44'47"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
तुला · ११ अक्टू॰ २०२६
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The Moon (Chandra) is the fastest-moving graha, changing signs roughly every two and a quarter days, which is why it governs the day-to-day emotional weather. Its transit is the basis of the daily Panchang nakshatra and of Tarabala — the moment-to-moment favourability read from the Moon’s position relative to your birth star.

आगामी गोचर

चंद्र तुला में प्रवेश११ अक्टू॰ २०२६
चंद्र वृश्चिक में प्रवेश१३ अक्टू॰ २०२६
चंद्र धनु में प्रवेश१६ अक्टू॰ २०२६

चंद्र गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। चंद्र इस समय कन्या में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषषष्ठ भावशुभ

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

वृषभपंचम भावकष्टकारी

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

मिथुनचतुर्थ भावकष्टकारी

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

कर्कतृतीय भावशुभ

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

सिंहद्वितीय भावकष्टकारी

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

कन्याप्रथम भावशुभ

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

तुलाद्वादश भावकष्टकारी

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

वृश्चिकएकादश भावशुभ

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

धनुदशम भावशुभ

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

मकरनवम भावकष्टकारी

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

कुंभअष्टम भावकष्टकारी

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को अस्थिर करता है और भावनाएँ बदलती रहती हैं।

मीनसप्तम भावशुभ

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: चंद्रमा मन को शांत और अंतर्ज्ञान को सटीक रखता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्र अभी किस राशि में है?

चंद्र इस समय कन्या राशि में 4°44'47" पर है।

चंद्र राशि कब बदलेगा?

चंद्र ११ अक्टू॰ २०२६ को तुला राशि में प्रवेश करेगा।

क्या चंद्र अभी वक्री है?

नहीं, चंद्र इस समय मार्गी (direct) है।

चंद्र गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। चंद्र इस समय कन्या में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।

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