सूर्य गोचर

संक्षेप में

सूर्य इस समय कन्या राशि में 21°44'52" पर गोचर कर रहा है। यह १७ अक्टू॰ २०२६ को तुला में प्रवेश करेगा।

वर्तमान राशि
कन्या
Degree
21°44'52"
Motion
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
तुला · १७ अक्टू॰ २०२६
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The Sun’s transit (Surya Gochar) sets the tone of each month, lighting up the affairs of the sign and house it moves through. Where the Sun goes, attention, ego and vitality follow — it is a good marker for recognition, dealings with authority, and where your energy is best spent right now.

आगामी गोचर

सूर्य तुला में प्रवेश१७ अक्टू॰ २०२६
सूर्य वृश्चिक में प्रवेश१६ नव॰ २०२६
सूर्य धनु में प्रवेश१६ दिस॰ २०२६

सूर्य गोचर का सभी 12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल सूर्य राशि से नहीं, बल्कि जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। सूर्य इस समय कन्या में है — नीचे देखें कि यह प्रत्येक चंद्र राशि से कौन-से भाव में पड़ रहा है और परंपरा में उसका क्या फल कहा गया है।

मेषषष्ठ भावशुभ

मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह षष्ठ भाव में पड़ता है, जो नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और ऋण को प्रभावित करता है: सूर्य आपके प्रयासों को बल और सम्मान दिलाता है।

वृषभपंचम भावकष्टकारी

वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह पंचम भाव में पड़ता है, जो संतान, विद्या, प्रेम और रचनात्मक कार्य को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

मिथुनचतुर्थ भावकष्टकारी

मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, संपत्ति और मानसिक शांति को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

कर्कतृतीय भावशुभ

कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह तृतीय भाव में पड़ता है, जो साहस, पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को प्रभावित करता है: सूर्य आपके प्रयासों को बल और सम्मान दिलाता है।

सिंहद्वितीय भावकष्टकारी

सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वितीय भाव में पड़ता है, जो धन, परिवार और वाणी को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

कन्याप्रथम भावकष्टकारी

कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह प्रथम भाव में पड़ता है, जो शरीर, मन और आपकी छवि को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

तुलाद्वादश भावकष्टकारी

तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह द्वादश भाव में पड़ता है, जो व्यय, विश्राम, विदेश यात्रा और त्याग को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

वृश्चिकएकादश भावशुभ

वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह एकादश भाव में पड़ता है, जो आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति को प्रभावित करता है: सूर्य आपके प्रयासों को बल और सम्मान दिलाता है।

धनुदशम भावशुभ

धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह दशम भाव में पड़ता है, जो करियर, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता है: सूर्य आपके प्रयासों को बल और सम्मान दिलाता है।

मकरनवम भावकष्टकारी

मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह नवम भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

कुंभअष्टम भावकष्टकारी

कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह अष्टम भाव में पड़ता है, जो उथल-पुथल, साझा धन और आकस्मिक घटनाएँ को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

मीनसप्तम भावकष्टकारी

मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह सप्तम भाव में पड़ता है, जो विवाह, साझेदारी और दूसरों से व्यवहार को प्रभावित करता है: सूर्य का ताप ऊर्जा घटा सकता है और अहं का टकराव बढ़ा सकता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य अभी किस राशि में है?

सूर्य इस समय कन्या राशि में 21°44'52" पर है।

सूर्य राशि कब बदलेगा?

सूर्य १७ अक्टू॰ २०२६ को तुला राशि में प्रवेश करेगा।

क्या सूर्य अभी वक्री है?

नहीं, सूर्य इस समय मार्गी (direct) है।

सूर्य गोचर का मेरी राशि पर क्या प्रभाव है?

गोचर का फल जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है। सूर्य इस समय कन्या में है, इसलिए यह प्रत्येक चंद्र राशि से अलग-अलग भाव में पड़ता है — ऊपर दी गई तालिका में सभी 12 राशियों का फल देखें।

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