आग्नेय में जल टंकी: दोष क्या है और उपाय क्या

संक्षेप में

आग्नेय में जल टंकी वह स्थान है जिसे परंपरा टालती है। यह वह भी है जिसे अधिकांश लोग बदल नहीं सकते, इसलिए महत्व निर्णय का नहीं, नीचे दिए उपाय का है।

दिशा
आग्नेय
तत्व
अग्नि
दिक्पाल
अग्नि
ग्रह
शुक्र

यदि इसे हटाया न जा सके

अग्नि कोण में जल मंडल का सबसे स्पष्ट विरोधाभास है — परंपरा यहां की टंकी को परस्पर विरुद्ध तत्वों के रूप में देखती है। जहां इसे हटाया न जा सके, वहां इसे ढका और बंद रखें और बिजली तथा ताप का भार उससे दूर करें।

आग्नेय किसका है

आग्नेय कोण अग्नि का कोना है, और अग्नि का स्थान यही है। रसोई, बॉयलर, बिजली का भार — परंपरा ताप को यहीं रखती है, क्योंकि अन्यत्र रखा ताप उस क्षेत्र को अस्थिर करता माना जाता है जहां वह पड़े।

जल टंकी का स्थान कहां

जल-भंडारण मंडल के तर्क का सबसे स्पष्ट उदाहरण है: भूमिगत जल जल-कोने में, और ऊपरी टंकी भारी कोने में। इसे उलट देना — ईशान में ऊपरी टंकी, नैऋत्य में भूमिगत टंकी — उन दोषों में है जिन्हें परंपरा सबसे गंभीरता से लेती है।

यही कक्ष, अन्य दिशाओं में

जल टंकीआग्नेयउत्तरईशानपूर्व

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आग्नेय में जल टंकी का उपाय क्या है?

अग्नि कोण में जल मंडल का सबसे स्पष्ट विरोधाभास है — परंपरा यहां की टंकी को परस्पर विरुद्ध तत्वों के रूप में देखती है। जहां इसे हटाया न जा सके, वहां इसे ढका और बंद रखें और बिजली तथा ताप का भार उससे दूर करें।

यदि कोई कक्ष ग़लत स्थान पर है तो क्या भवन दोबारा बनाना पड़ेगा?

नहीं। परंपरा यह मानकर चलती है कि आप रसोई या सीढ़ी नहीं हटा सकते, इसीलिए लगभग हर स्थान-नियम के साथ एक उपाय आता है — प्रायः कक्ष के भीतर का परिवर्तन (चूल्हा कहां है, पलंग किस ओर है, कोने में क्या रखा है), भवन का परिवर्तन नहीं।