मंगल के उपाय: मंत्र, रत्न, व्रत और दान

संक्षेप में

मंगल के उपाय मंगलवार को किए जाते हैं: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” का जप कीजिए, मसूर दाल, लाल वस्त्र का दान कीजिए, और वार-व्रत रखिए। मूंगा इस ग्रह का रत्न है, पर इसे तभी धारण करना चाहिए जब मंगल आपके लग्न के लिए कार्येश शुभ सिद्ध हो जाए।

एक नज़र में

वार
मंगलवार
देवता
हनुमान
रंग
लाल
रत्न
मूंगा
लाल मूंगा
बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
जप संख्या
10,000 जप
प्रतिदिन एक माला (108) से आरंभ करें

मंगल के उपाय किसलिए

मंगल के उपाय क्रोध, साहस और शरीर के लिए हैं — मंगल गति का ग्रह है, और इसकी पीड़ा प्रायः कमी नहीं, अधिकता होती है। हनुमान आराधना इनमें सबसे अधिक बताया गया उपाय है, और मंगलवार इसका दिन।

जब ग्रह दबाव में हो

निर्बल या पीड़ित मंगल क्रोध, दुर्घटना की प्रवृत्ति, भाइयों से मतभेद और ऐसी अधीरता के रूप में दिखता है जो लाभ से अधिक हानि कराती है। उपायों का उद्देश्य इस ऊर्जा को दबाना नहीं, उसे मार्ग देना है।

मंगल के अन्य उपाय

मूंगामंत्रवार-व्रतदान

अन्य ग्रहों के उपाय

सूर्यचंद्रबुधबृहस्पतिशुक्रशनिराहुकेतु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मंगल के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये मंगल को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। मूंगा ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।

मंगल के उपायों के लिए कौन-सा वार है?

मंगलवार। मंगल के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।

मंगल मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?

शास्त्रीय संख्या 10,000 जप है, जो एक साथ नहीं बल्कि सप्ताहों में पूरी की जाती है। प्रतिदिन एक माला — 108 — से आरंभ कीजिए और बढ़ाइए; यहां गणित से अधिक भाव का महत्व है।

मूंगा किसे नहीं पहनना चाहिए?

अधिकांश कुंडलियों को मूंगा पहनना ही नहीं चाहिए। यह तभी बताया जाता है जब छाया-ग्रह का दिशानायक बली हो, वह उपचय भाव में हो, और किसी योग्य ज्योतिषी ने विशेष प्रयोजन से इसे कहा हो।