मंगल का दान मंगलवार को दिया जाता है: मसूर दाल, लाल वस्त्र, गुड़, तांबे के बर्तन। दान ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए जहां रत्न रोका जाता है वहां दान बताया जाता है।
एक नज़र में
वार
मंगलवार
देवता
हनुमान
दान
मसूर दाल, लाल वस्त्र, गुड़, तांबे के बर्तन
यह उपाय काम कैसे करता है
दान किसी विशेष ग्रह के निमित्त, उसके दिन, और उसके कारकत्व से मिलाकर दिया जाता है। शास्त्रीय दृष्टि से यह वह उपाय है जो तब काम आता है जब रत्न संकटपूर्ण हो — यह ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए राहु और शनि के लिए, जहां रत्न रोका जाता है, दान बताया जाता है।
मंगल का दान मसूर दाल, लाल वस्त्र और तांबा है, मंगलवार को; शास्त्रीय रूप से यह ज़रूरतमंद भाइयों और सैनिक-कल्याण को जाता है।
जब ग्रह दबाव में हो
निर्बल या पीड़ित मंगल क्रोध, दुर्घटना की प्रवृत्ति, भाइयों से मतभेद और ऐसी अधीरता के रूप में दिखता है जो लाभ से अधिक हानि कराती है। उपायों का उद्देश्य इस ऊर्जा को दबाना नहीं, उसे मार्ग देना है।
मंगलवार। मंगल के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।
क्या मंगल के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?
मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये मंगल को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। मूंगा ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।