होम › त्योहार › वट सावित्री 2026 › विशाखपट्टणम् वट सावित्री 2026 in विशाखपट्टणम् शनिवार, १६ मई २०२६
संक्षेप में
विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2026 शनिवार, १६ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ५:२४ am और सूर्यास्त ६:२१ pm पर है।
भारत के समान दिन
अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत
विशाखपट्टणम् का समय तिथि
शनिवार, १६ मई २०२६
शनिवार
पंचांग तिथि
ज्येष्ठ अमावस्या
विशाखपट्टणम् में शुभ मुहूर्त अभिजित मुहूर्त११:२७ am – १२:१९ pm
राहु काल — त्याज्य८:३९ am – १०:१६ am
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
वट सावित्री क्या है? वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।
कैसे मनाया जाता है स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।
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अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ अन्य शहर अन्य वर्ष अन्य त्योहार अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2026 कब है? विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2026 शनिवार, १६ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।
क्या विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2026 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष वट सावित्री विशाखपट्टणम् और भारत दोनों में १६ मई २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है? वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
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