विषु 2026 in विशाखपट्टणम्

बुधवार, १५ अप्रैल २०२६

संक्षेप में

विशाखपट्टणम् में विषु 2026 बुधवार, १५ अप्रैल २०२६ को है। सूर्योदय ५:४१ am और सूर्यास्त ६:१२ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: विषुक्कणि · मलयाली नववर्ष · विशु

विशाखपट्टणम् का समय

तिथि
बुधवार, १५ अप्रैल २०२६
बुधवार
सूर्योदय
५:४१ am
सूर्यास्त
६:१२ pm
चंद्रोदय
३:५३ am
चंद्रास्त
४:११ pm

विशाखपट्टणम् में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य११:५६ am – १:३० pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

विशाखपट्टणम् का आज का पंचांग

विषु क्या है?

विषु केरल का ज्योतिषीय नववर्ष है, मेडम मास का पहला दिन, और वही मेष संक्रांति जिसे तमिलनाडु पुथांडु के रूप में मनाता है। केरल इसे सूर्यास्त से नहीं, अगली भोर से तय करता है, क्योंकि यहां पर्व का केंद्र विषुक्कणि है — नववर्ष में आंख खुलते ही पड़ने वाला पहला दृश्य — इसलिए दिन चढ़े हुई संक्रांति अगली सुबह की मानी जाती है।

कैसे मनाया जाता है

कणि एक रात पहले सजाई जाती है: कोन्ना के पीले फूल, चावल, दर्पण, स्वर्ण, जलता दीप और कृष्ण का विग्रह — इस तरह कि भोर में आंखें मूंदे लाए गए व्यक्ति की पहली दृष्टि उसी पर पड़े। फिर बड़े विषुक्कैनीट्टम देते हैं, हथेली में रखा हुआ एक सिक्का, और दिन सद्या के साथ पूरा होता है।

अन्य शहर

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अन्य त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखपट्टणम् में विषु 2026 कब है?

विशाखपट्टणम् में विषु 2026 बुधवार, १५ अप्रैल २०२६ को है।

क्या विशाखपट्टणम् में विषु 2026 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष विषु विशाखपट्टणम् और भारत दोनों में १५ अप्रैल २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

विषु को और किन नामों से जाना जाता है?

विषु को विषुक्कणि, मलयाली नववर्ष, विशु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।