वट सावित्री 2026

शनिवार, १६ मई २०२६

Advertisement
संक्षेप में

वट सावित्री 2026 शनिवार, १६ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ५:३१ am और सूर्यास्त ७:०४ pm पर है।

अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत

दुनिया भर की तिथियाँ

शहरतिथि
नई दिल्ली१६ मई २०२६
लंदन१६ मई २०२६
टोरंटो१६ मई २०२६
न्यूयॉर्क१६ मई २०२६
ह्यूस्टन१६ मई २०२६
सैन होज़े१६ मई २०२६
सिडनी१६ मई २०२६
सिंगापुर१६ मई २०२६
दुबई१६ मई २०२६

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

Advertisement

वट सावित्री क्या है?

वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।

कैसे मनाया जाता है

स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।

अन्य शहर

दुबईएडिसनह्यूस्टनलंदनन्यूयॉर्कसैन होज़ेसिंगापुरसिडनीटोरंटोबैंगलोरचेन्नईहैदराबादकोलकातामुंबईनई दिल्लीपुणे

अन्य वर्ष

वट सावित्री 2027वट सावित्री 2028

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाअक्षय तृतीयाविषुबैसाखीपुथांडुहनुमान जयंती

2026 के शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त43 तिथियाँगृह प्रवेश मुहूर्त28 तिथियाँवाहन खरीद मुहूर्त102 तिथियाँनामकरण मुहूर्त97 तिथियाँव्यापार आरंभ मुहूर्त75 तिथियाँसभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वट सावित्री 2026 कब है?

वट सावित्री 2026 शनिवार, १६ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।

वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है?

वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।