विशाखपट्टणम् में अक्षय तृतीया 2026 रविवार, १९ अप्रैल २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है। पूजा मुहूर्त १०:४९ am – १:११ pm है। सूर्योदय ५:३८ am और सूर्यास्त ६:१३ pm पर है।
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
अक्षय तृतीया का अर्थ है “वह तृतीया जिसका कभी क्षय न हो” — वह दिन जिस पर जो भी आरंभ किया या दान किया जाए, वह कभी घटता नहीं। यह उन गिनी-चुनी तिथियों में है जो संपूर्ण रूप से शुभ मानी जाती हैं, जिनके भीतर अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कैसे मनाया जाता है
सोना खरीदने के लिए यह भारतीय वर्ष का सबसे व्यस्त दिन है, और विवाह, गृहप्रवेश तथा नए कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा तिथि। मान्यता है कि आज दिया गया दान अनंत होकर लौटता है।
विशाखपट्टणम् में अक्षय तृतीया 2026 रविवार, १९ अप्रैल २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है।
विशाखपट्टणम् में अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त कब है?
विशाखपट्टणम् में १९ अप्रैल २०२६ को पूजा मुहूर्त १०:४९ am – १:११ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
क्या विशाखपट्टणम् में अक्षय तृतीया 2026 भारत के समान दिन है?
हाँ। इस वर्ष अक्षय तृतीया विशाखपट्टणम् और भारत दोनों में १९ अप्रैल २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
अक्षय तृतीया को और किन नामों से जाना जाता है?
अक्षय तृतीया को आखा तीज, अक्ती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।