How this remedy works
वार-व्रत घर-घर का उपाय है — ग्रह के अपने दिन रखा जाता है, प्रायः सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन और नमक का त्याग। यह अनुष्ठान जितना है उतना ही अनुशासन: बात साप्ताहिक संयम की है, इतने समय तक निभाया गया कि उसका अर्थ बने।
राहु का अपना कोई व्रत-दिवस नहीं है। कुछ परंपराएं शनि से शनिवार उधार लेती हैं, पर ग्रहण-काल का अनुष्ठान अधिक सीधा उपाय है।