How this remedy works
मंत्र शास्त्रीय उपायों में सबसे सुरक्षित है: आज ही आरंभ किया जा सकता है, इसमें व्यय नहीं, और रत्न की तरह यह कुंडली के विरुद्ध नहीं पड़ता। संख्या — निर्धारित जप-गणना — सप्ताहों में पूरी की जाती है, प्रतिदिन एक माला यानी 108 से आरंभ करके धीरे-धीरे बढ़ाते हुए। यहां गणित से अधिक भाव का महत्व है।
राहु मंत्र शनिवार को जपा जाता है, और ग्रहण के समय सर्वाधिक प्रभावी माना जाता है; इन्हीं पीड़ाओं के लिए दुर्गा सप्तशती भी प्रयोग होती है।