मोती (चंद्र रत्न): किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं

संक्षेप में

मोती चंद्र का रत्न है। शास्त्रीय रूप से यह कर्क, वृश्चिक, मीन लग्न के लिए अनुकूल है। शेष हर लग्न के लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है — रत्न दोनों ही दिशाओं में ग्रह को बढ़ाता है।

अन्य नाम: मोती रत्न · चंद्र रत्न

एक नज़र में

वार
सोमवार
देवता
शिव
रंग
सफेद

यह उपाय काम कैसे करता है

माना जाता है कि ग्रह-रत्न अपने ग्रह की किरणों को ग्रहण कर संचारित करता है, इसीलिए शास्त्रीय उपायों में यह सबसे प्रबल हस्तक्षेप है — और अकेला ऐसा जो स्थिति बिगाड़ भी सकता है। यह वही बढ़ाता है जो ग्रह आपकी कुंडली में पहले से कर रहा है, इसलिए यह कुंडली देखकर बताया जाता है, इच्छा देखकर नहीं।

मोती चंद्रमा के लिए सोमवार को धारण किया जाता है; ग्रंथ इसे नौ में सबसे सौम्य मानते हैं, फिर भी इसे चंद्र के पक्ष और स्थिति से मिलाते हैं।

मोती के उपाय किसलिए

मोती चंद्रमा का रत्न है, जो भावनात्मक संतुलन, अंतर्ज्ञान और निद्रा के लिए धारण किया जाता है। इसे ग्रह-रत्नों में अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि ग्रहों में चंद्रमा का कोई पारंपरिक शत्रु नहीं है।

मोती किसे पहनना चाहिए?

लग्ननिर्णय
मेषकुंडली देखकर
वृषभकुंडली देखकर
मिथुनकुंडली देखकर
कर्कअनुकूल
सिंहकुंडली देखकर
कन्याकुंडली देखकर
तुलाकुंडली देखकर
वृश्चिकअनुकूल
धनुकुंडली देखकर
मकरकुंडली देखकर
कुंभकुंडली देखकर
मीनअनुकूल

खरीदने से पहले

सुरक्षित होने का अर्थ स्वतः उपयुक्त होना नहीं है। मोती को भी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति से मिलाना चाहिए — शुक्ल पक्ष के बलवान चंद्र को थोड़े सहारे की आवश्यकता होती है, कृष्ण पक्ष के क्षीण चंद्र को कहीं अधिक।

उपरत्न

मूनस्टोन · सफेद मूंगा

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चंद्र के अन्य उपाय

मंत्रवार-व्रतदानचंद्र
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोती किसे नहीं पहनना चाहिए?

अधिकांश कुंडलियों को मोती पहनना ही नहीं चाहिए। यह तभी बताया जाता है जब छाया-ग्रह का दिशानायक बली हो, वह उपचय भाव में हो, और किसी योग्य ज्योतिषी ने विशेष प्रयोजन से इसे कहा हो।

मोती के स्थान पर क्या पहना जा सकता है?

मान्य उपरत्न हैं मूनस्टोन, सफेद मूंगा। इन पर भी मुख्य रत्न जैसी ही चेतावनी लागू है: उपरत्न सस्ता है, पर निर्णय ग्रह करता है, मूल्य नहीं।

क्या चंद्र के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये चंद्र को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। मोती ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।