होम › त्योहार › पुथांडु 2027 › पटना Advertisement
संक्षेप में
पटना में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है। सूर्योदय ५:२९ am और सूर्यास्त ६:१० pm पर है।
पुथांडु आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
भारत के समान दिन · पुथांडु 2027 →
अन्य नाम: तमिल नववर्ष · वरुष पिरप्पु · पुत्तांडु
पटना का समय तिथि
बुधवार, १४ अप्रैल २०२७
बुधवार
पटना में शुभ मुहूर्त राहु काल — त्याज्य११:५० am – १:२५ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।
मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
Advertisement
पुथांडु क्या है? पुथांडु तमिल नववर्ष है, चित्तिरै मास का पहला दिन, जो चंद्रमा से नहीं बल्कि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से तय होता है। तमिलनाडु इसे सूर्यास्त से गिनता है — यदि सूर्य अस्त होने से पहले मेष में पहुंच जाए तो वही दिन चित्तिरै 1 है। इसी नियम के कारण पुथांडु और केरल का विषु, जो एक ही खगोलीय क्षण हैं, हर वर्ष एक ही दिन नहीं पड़ते।
कैसे मनाया जाता है नववर्ष का स्वागत “कण्णि” से होता है — फल, स्वर्ण, पान, दर्पण और दीप की थाली, इस तरह सजाई गई कि आंख खुलते ही पहली दृष्टि उसी पर पड़े। मंदिर में नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाया जाता है, और भोजन का केंद्र होती है मांगा-पच्चडि, जिसमें छहों रस होते हैं — क्योंकि आने वाले वर्ष में भी वे सब होंगे।
अन्य शहर अन्य वर्ष अन्य त्योहार 2027 के शुभ मुहूर्त Advertisement
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पटना में पुथांडु 2027 कब है? पटना में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है।
क्या पटना में पुथांडु 2027 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष पुथांडु पटना और भारत दोनों में १४ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
पुथांडु को और किन नामों से जाना जाता है? पुथांडु को तमिल नववर्ष, वरुष पिरप्पु, पुत्तांडु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
पुथांडु आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।