गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय (IST)

संक्षेप में

2027 में 49 दिन गृह प्रवेश मुहूर्त के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, 14 जनवरी 2027 से 13 दिसंबर 2027 तक। सबसे अधिक तिथियाँ मई और नवंबर में हैं। खरमास, शुक्र अस्त, चातुर्मास और गुरु अस्त में कोई तिथि नहीं है।

महीनेवार तिथियाँ

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई तिथि नहीं।

जनवरी 2027 · 7 दिन

दिनांकमुहूर्त
14 जनवरी
गुरुवार
रात 9:10 बजे से सुबह 7:16 बजे (15 जनवरी)
उत्तर भाद्रपद, रेवती · शुक्ल पक्ष सप्तमी
15 जनवरी
शुक्रवार
सुबह 7:16 बजे से सुबह 8:34 बजे
सुबह 9:53 बजे से सुबह 11:11 बजे
दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:14 बजे
रेवती · शुक्ल पक्ष सप्तमी
20 जनवरी
बुधवार
सुबह 7:15 बजे से सुबह 8:34 बजे
सुबह 9:53 बजे से सुबह 11:12 बजे
दोपहर 1:51 बजे से शाम 4:17 बजे
मृगशिरा · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
22 जनवरी
शुक्रवार
दोपहर 1:50 बजे से दोपहर 3:11 बजे
शाम 4:31 बजे से शाम 5:47 बजे
पुष्य · पूर्णिमा
27 जनवरी
बुधवार
सुबह 7:12 बजे से सुबह 8:33 बजे
सुबह 9:53 बजे से सुबह 11:13 बजे
दोपहर 1:54 बजे से रात 3:54 बजे (28 जनवरी)
हस्त, चित्रा · कृष्ण पक्ष षष्ठी
28 जनवरी
गुरुवार
दोपहर 3:52 बजे से शाम 4:58 बजे
चित्रा · कृष्ण पक्ष सप्तमी
31 जनवरी
रविवार
सुबह 7:11 बजे से दोपहर 12:34 बजे
दोपहर 1:55 बजे से दोपहर 3:16 बजे
शाम 5:58 बजे से रात 7:34 बजे
अनुराधा · कृष्ण पक्ष दशमी

फ़रवरी 2027 · 7 दिन

दिनांकमुहूर्त
10 फ़रवरी
बुधवार
रात 3:05 बजे (11 फ़रवरी) से सुबह 7:04 बजे
उत्तर भाद्रपद, रेवती · शुक्ल पक्ष पंचमी
11 फ़रवरी
गुरुवार
सुबह 8:26 बजे से सुबह 9:49 बजे
सुबह 11:12 बजे से दोपहर 1:58 बजे
दोपहर 3:21 बजे से सुबह 5:42 बजे (12 फ़रवरी)
रेवती · शुक्ल पक्ष पंचमी, शुक्ल पक्ष षष्ठी
18 फ़रवरी
गुरुवार
रात 9:06 बजे से सुबह 6:57 बजे (19 फ़रवरी)
पुष्य · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
19 फ़रवरी
शुक्रवार
सुबह 6:57 बजे से सुबह 8:21 बजे
सुबह 9:46 बजे से सुबह 11:10 बजे
पुष्य · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
22 फ़रवरी
सोमवार
दोपहर 12:34 बजे से दोपहर 1:59 बजे
दोपहर 3:24 बजे से सुबह 5:00 बजे (23 फ़रवरी)
उत्तर फाल्गुनी · कृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
24 फ़रवरी
बुधवार
रात 12:27 बजे (25 फ़रवरी) से सुबह 6:51 बजे
चित्रा · कृष्ण पक्ष पंचमी
25 फ़रवरी
गुरुवार
सुबह 8:17 बजे से सुबह 9:33 बजे
चित्रा · कृष्ण पक्ष पंचमी

मार्च 2027 · 6 दिन

दिनांकमुहूर्त
3 मार्च
बुधवार
रात 1:06 बजे (4 मार्च) से सुबह 6:44 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष एकादशी
4 मार्च
गुरुवार
सुबह 8:11 बजे से सुबह 9:38 बजे
सुबह 11:06 बजे से दोपहर 2:00 बजे
दोपहर 3:27 बजे से रात 2:01 बजे (5 मार्च)
उत्तराषाढ़ा, श्रवण · कृष्ण पक्ष द्वादशी
5 मार्च
शुक्रवार
रात 2:42 बजे (6 मार्च) से सुबह 4:21 बजे
श्रवण · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
10 मार्च
बुधवार
सुबह 6:38 बजे से सुबह 8:06 बजे
सुबह 9:34 बजे से सुबह 11:03 बजे
दोपहर 2:00 बजे से सुबह 6:37 बजे (11 मार्च)
उत्तर भाद्रपद, रेवती · शुक्ल पक्ष द्वितीया, शुक्ल पक्ष तृतीया
11 मार्च
गुरुवार
सुबह 8:05 बजे से सुबह 9:34 बजे
रेवती · शुक्ल पक्ष तृतीया
14 मार्च
रविवार
शाम 6:27 बजे से सुबह 6:32 बजे (15 मार्च)
रोहिणी · शुक्ल पक्ष सप्तमी

अप्रैल 2027 · 3 दिन

दिनांकमुहूर्त
18 अप्रैल
रविवार
सुबह 6:06 बजे से दोपहर 12:20 बजे
दोपहर 1:57 बजे से दोपहर 3:34 बजे
शाम 6:47 बजे से रात 9:58 बजे
उत्तर फाल्गुनी · शुक्ल पक्ष द्वादशी, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
23 अप्रैल
शुक्रवार
दोपहर 2:13 बजे से दोपहर 3:35 बजे
अनुराधा · कृष्ण पक्ष तृतीया
28 अप्रैल
बुधवार
सुबह 5:44 बजे से सुबह 7:23 बजे
सुबह 9:01 बजे से सुबह 10:40 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष सप्तमी

मई 2027 · 9 दिन

दिनांकमुहूर्त
7 मई
शुक्रवार
रात 11:42 बजे से सुबह 5:36 बजे (8 मई)
रोहिणी · शुक्ल पक्ष द्वितीया
9 मई
रविवार
सुबह 5:35 बजे से सुबह 9:03 बजे
मृगशिरा · शुक्ल पक्ष तृतीया
12 मई
बुधवार
दोपहर 2:04 बजे से दोपहर 2:56 बजे
पुष्य · शुक्ल पक्ष सप्तमी
16 मई
रविवार
रात 2:43 बजे (17 मई) से सुबह 5:30 बजे
हस्त · शुक्ल पक्ष द्वादशी
17 मई
सोमवार
सुबह 5:30 बजे से सुबह 7:12 बजे
सुबह 8:54 बजे से सुबह 10:35 बजे
दोपहर 12:17 बजे से दोपहर 1:59 बजे
दोपहर 3:41 बजे से रात 1:10 बजे (18 मई)
हस्त, चित्रा · शुक्ल पक्ष द्वादशी, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
24 मई
सोमवार
रात 10:59 बजे से सुबह 5:26 बजे (25 मई)
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष पंचमी
26 मई
बुधवार
सुबह 5:26 बजे से सुबह 7:09 बजे
सुबह 8:52 बजे से सुबह 10:35 बजे
दोपहर 2:01 बजे से सुबह 4:05 बजे (27 मई)
श्रवण · कृष्ण पक्ष षष्ठी
30 मई
रविवार
सुबह 11:32 बजे से दोपहर 12:18 बजे
दोपहर 2:02 बजे से दोपहर 3:45 बजे
रात 7:12 बजे से रात 9:55 बजे
उत्तर भाद्रपद · कृष्ण पक्ष दशमी
31 मई
सोमवार
सुबह 10:03 बजे से सुबह 10:35 बजे
दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 2:02 बजे
दोपहर 3:45 बजे से सुबह 5:24 बजे (1 जून)
उत्तर भाद्रपद, रेवती · कृष्ण पक्ष एकादशी

जून 2027 · 4 दिन

दिनांकमुहूर्त
13 जून
रविवार
सुबह 9:05 बजे से दोपहर 12:21 बजे
दोपहर 2:05 बजे से दोपहर 3:49 बजे
रात 7:18 बजे से सुबह 5:24 बजे (14 जून)
हस्त, चित्रा · शुक्ल पक्ष दशमी, शुक्ल पक्ष एकादशी
14 जून
सोमवार
सुबह 5:24 बजे से सुबह 7:08 बजे
चित्रा · शुक्ल पक्ष एकादशी
16 जून
बुधवार
रात 7:44 बजे से रात 3:20 बजे (17 जून)
अनुराधा · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
21 जून
सोमवार
सुबह 5:24 बजे से सुबह 7:09 बजे
सुबह 8:53 बजे से सुबह 10:38 बजे
दोपहर 12:22 बजे से दोपहर 2:07 बजे
दोपहर 3:51 बजे से रात 11:50 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया

जुलाई 2027 · 1 दिन

दिनांकमुहूर्त
5 जुलाई
सोमवार
दोपहर 12:25 बजे से दोपहर 2:09 बजे
दोपहर 3:53 बजे से सुबह 5:29 बजे (6 जुलाई)
पुष्य · शुक्ल पक्ष द्वितीया, शुक्ल पक्ष तृतीया

नवंबर 2027 · 8 दिन

दिनांकमुहूर्त
10 नवंबर
बुधवार
सुबह 9:22 बजे से सुबह 10:43 बजे
दोपहर 1:25 बजे से रात 11:41 बजे
उत्तर भाद्रपद · शुक्ल पक्ष द्वादशी
11 नवंबर
गुरुवार
रात 10:57 बजे से सुबह 6:42 बजे (12 नवंबर)
रेवती · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
12 नवंबर
शुक्रवार
सुबह 6:42 बजे से सुबह 7:55 बजे
रेवती · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
15 नवंबर
सोमवार
दोपहर 3:21 बजे से सुबह 6:45 बजे (16 नवंबर)
रोहिणी, मृगशिरा · कृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
18 नवंबर
गुरुवार
रात 1:52 बजे (19 नवंबर) से सुबह 6:47 बजे
पुष्य · कृष्ण पक्ष षष्ठी
19 नवंबर
शुक्रवार
सुबह 6:47 बजे से सुबह 8:07 बजे
सुबह 9:26 बजे से सुबह 10:46 बजे
दोपहर 12:06 बजे से दोपहर 2:45 बजे
शाम 4:05 बजे से रात 9:21 बजे
पुष्य · कृष्ण पक्ष षष्ठी
24 नवंबर
बुधवार
सुबह 6:51 बजे से सुबह 8:10 बजे
सुबह 9:29 बजे से सुबह 10:48 बजे
दोपहर 1:26 बजे से सुबह 6:52 बजे (25 नवंबर)
हस्त, चित्रा · कृष्ण पक्ष एकादशी, कृष्ण पक्ष द्वादशी
25 नवंबर
गुरुवार
सुबह 8:11 बजे से सुबह 9:30 बजे
सुबह 10:49 बजे से दोपहर 1:26 बजे
दोपहर 2:45 बजे से शाम 6:17 बजे
चित्रा · कृष्ण पक्ष द्वादशी, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

दिसंबर 2027 · 4 दिन

दिनांकमुहूर्त
2 दिसंबर
गुरुवार
दोपहर 2:46 बजे से सुबह 6:58 बजे (3 दिसंबर)
उत्तराषाढ़ा, श्रवण · शुक्ल पक्ष पंचमी
3 दिसंबर
शुक्रवार
सुबह 6:58 बजे से सुबह 8:16 बजे
सुबह 9:34 बजे से सुबह 10:52 बजे
दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 2:46 बजे
शाम 4:04 बजे से सुबह 4:17 बजे (4 दिसंबर)
श्रवण · शुक्ल पक्ष पंचमी, शुक्ल पक्ष षष्ठी
9 दिसंबर
गुरुवार
सुबह 8:20 बजे से सुबह 9:38 बजे
सुबह 10:55 बजे से दोपहर 1:30 बजे
रेवती · शुक्ल पक्ष एकादशी
13 दिसंबर
सोमवार
दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 1:32 बजे
दोपहर 2:49 बजे से रात 9:38 बजे
रोहिणी, मृगशिरा · पूर्णिमा

कुछ महीनों में तिथियाँ क्यों नहीं हैं

इन अवधियों में विवाह या गृह प्रवेश नहीं होता, दिन का नक्षत्र और तिथि चाहे जो हो:

  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 1 जनवरी से 14 जनवरी तक
  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 16 मार्च से 14 अप्रैल तक
  • शुक्र अस्त, जब शुक्र अस्त हो: 7 जुलाई से 17 सितंबर तक
  • चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक: 14 जुलाई से 10 नवंबर तक
  • गुरु अस्त, जब बृहस्पति अस्त हो: 17 अगस्त से 14 सितंबर तक
  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 17 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

  • चंद्रमा उन नक्षत्रों में हो जो शास्त्र नए घर में प्रवेश के लिए बताते हैं: रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तर भाद्रपद, रेवती।
  • तिथि प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या न हो।
  • दिन मंगलवार और शनिवार न हो।
  • भद्रा (विष्टि करण), अशुभ योग, राहु काल, यमगंड और गुलिक हर मुहूर्त से हटाए गए हैं, और आधे घंटे से छोटा मुहूर्त छोड़ दिया गया है।
  • मुहूर्त सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिने जाते हैं, इसलिए कई मुहूर्त रात भर चलते हैं, जैसे विवाह अक्सर होते हैं। पंचांग की तरह हर मुहूर्त उस दिन के नीचे लिखा है जिसके सूर्योदय के बाद वह आता है, इसलिए सुबह 4 बजे शुरू होने वाला मुहूर्त पिछली तारीख के नीचे मिलेगा।
  • खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, या गुरु अथवा शुक्र के अस्त रहने के दौरान कोई मुहूर्त नहीं है।

यह पन्ना क्या नहीं करता

परिवार के पुरोहित आमतौर पर इनमें से किसी मुहूर्त के भीतर लग्न देखकर सटीक समय तय करते हैं, और कुछ परंपराएँ होलाष्टक और पंचक भी मानती हैं, जिन्हें यह पन्ना नहीं जाँचता। पंचांग भी इस पर अलग-अलग राय रखते हैं कि कौन सी तिथियाँ और वार मान्य हैं। यह पन्ना सख्त व्याख्या मानता है, इसलिए इसमें कुछ पंचांगों से कम तिथियाँ हैं।

GrahaVaani द्वारा नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय नियमों से निकाला गया। भारत में कहीं और समय कुछ मिनट, और विदेश में अधिक, बदलता है। विवाह या गृह प्रवेश के लिए समय अपने पुरोहित से अवश्य पक्का करें।