पुथांडु 2027 in अजमेर

बुधवार, १४ अप्रैल २०२७· 187 दिन बाद

Advertisement
संक्षेप में

अजमेर में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है। सूर्योदय ६:१० am और सूर्यास्त ६:५३ pm पर है।

भारत के समान दिन · पुथांडु 2027 →

अन्य नाम: तमिल नववर्ष · वरुष पिरप्पु · पुत्तांडु

अजमेर का समय

तिथि
बुधवार, १४ अप्रैल २०२७
बुधवार
सूर्योदय
६:१० am
सूर्यास्त
६:५३ pm
चंद्रोदय
१२:२१ pm
चंद्रास्त
१:३० am

अजमेर में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य१२:३२ pm – २:०७ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

अजमेर का आज का पंचांग

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

Advertisement

पुथांडु क्या है?

पुथांडु तमिल नववर्ष है, चित्तिरै मास का पहला दिन, जो चंद्रमा से नहीं बल्कि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से तय होता है। तमिलनाडु इसे सूर्यास्त से गिनता है — यदि सूर्य अस्त होने से पहले मेष में पहुंच जाए तो वही दिन चित्तिरै 1 है। इसी नियम के कारण पुथांडु और केरल का विषु, जो एक ही खगोलीय क्षण हैं, हर वर्ष एक ही दिन नहीं पड़ते।

कैसे मनाया जाता है

नववर्ष का स्वागत “कण्णि” से होता है — फल, स्वर्ण, पान, दर्पण और दीप की थाली, इस तरह सजाई गई कि आंख खुलते ही पहली दृष्टि उसी पर पड़े। मंदिर में नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाया जाता है, और भोजन का केंद्र होती है मांगा-पच्चडि, जिसमें छहों रस होते हैं — क्योंकि आने वाले वर्ष में भी वे सब होंगे।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपालभुवनेश्वर

अन्य वर्ष

पुथांडु 2026पुथांडु 2028पुथांडु 2029

अन्य त्योहार

बैसाखीराम नवमीविषुहनुमान जयंतीउगादिचैत्र नवरात्रि

2027 के शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त55 तिथियाँगृह प्रवेश मुहूर्त49 तिथियाँवाहन खरीद मुहूर्त116 तिथियाँनामकरण मुहूर्त117 तिथियाँव्यापार आरंभ मुहूर्त97 तिथियाँसभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमेर में पुथांडु 2027 कब है?

अजमेर में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है।

क्या अजमेर में पुथांडु 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष पुथांडु अजमेर और भारत दोनों में १४ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

पुथांडु को और किन नामों से जाना जाता है?

पुथांडु को तमिल नववर्ष, वरुष पिरप्पु, पुत्तांडु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।