पुथांडु 2027 in जयपुर

बुधवार, १४ अप्रैल २०२७· 185 दिन बाद

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संक्षेप में

जयपुर में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है। सूर्योदय ६:०५ am और सूर्यास्त ६:४९ pm पर है।

भारत के समान दिन · पुथांडु 2027 →

अन्य नाम: तमिल नववर्ष · वरुष पिरप्पु · पुत्तांडु

जयपुर का समय

तिथि
बुधवार, १४ अप्रैल २०२७
बुधवार
सूर्योदय
६:०५ am
सूर्यास्त
६:४९ pm
चंद्रोदय
१२:१५ pm
चंद्रास्त
१:२६ am

जयपुर में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य१२:२७ pm – २:०२ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

जयपुर का आज का पंचांग

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पुथांडु क्या है?

पुथांडु तमिल नववर्ष है, चित्तिरै मास का पहला दिन, जो चंद्रमा से नहीं बल्कि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से तय होता है। तमिलनाडु इसे सूर्यास्त से गिनता है — यदि सूर्य अस्त होने से पहले मेष में पहुंच जाए तो वही दिन चित्तिरै 1 है। इसी नियम के कारण पुथांडु और केरल का विषु, जो एक ही खगोलीय क्षण हैं, हर वर्ष एक ही दिन नहीं पड़ते।

कैसे मनाया जाता है

नववर्ष का स्वागत “कण्णि” से होता है — फल, स्वर्ण, पान, दर्पण और दीप की थाली, इस तरह सजाई गई कि आंख खुलते ही पहली दृष्टि उसी पर पड़े। मंदिर में नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाया जाता है, और भोजन का केंद्र होती है मांगा-पच्चडि, जिसमें छहों रस होते हैं — क्योंकि आने वाले वर्ष में भी वे सब होंगे।

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2027 के शुभ मुहूर्त

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में पुथांडु 2027 कब है?

जयपुर में पुथांडु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है।

क्या जयपुर में पुथांडु 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष पुथांडु जयपुर और भारत दोनों में १४ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

पुथांडु को और किन नामों से जाना जाता है?

पुथांडु को तमिल नववर्ष, वरुष पिरप्पु, पुत्तांडु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।