पोंगल तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल पर्व है, जो थाई मास का आरंभ करता है — परंपरा जिसे वर्ष का सबसे शुभ मास मानती है (“थाई पिरन्दाल वऴि पिरक्कुम” — थाई आते ही राह निकलती है)। थाई पोंगल वही सौर क्षण है जो मकर संक्रांति है, यानी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, इसीलिए यह चंद्र पर्वों की तरह भटकने के बजाय 14 या 15 जनवरी पर टिका रहता है।
कैसे मनाया जाता है
इसकी पूर्वसंध्या भोगी है, जब पुराना सामान जलाकर घर खाली किया जाता है। थाई पोंगल के दिन मिट्टी के बर्तन में नए गुड़ के साथ चावल तब तक पकाया जाता है जब तक वह उबलकर किनारों से बाहर न छलक जाए — उसी क्षण घर भर “पोंगलो पोंगल” पुकार उठता है। मट्टू पोंगल हल जोतने वाले बैलों के नाम है, और कानुम पोंगल स्वजनों से मिलने में बीतता है।
कैलगरी में पोंगल 2027 गुरुवार, १४ जनवरी २०२७ को है।
पोंगल 2027 कितने दिन चलता है?
पोंगल 2027 3 दिन चलता है, १४ जन॰ २०२७ – १६ जन॰ २०२७ तक।
क्या कैलगरी में पोंगल 2027 भारत के समान दिन है?
नहीं। कैलगरी में पोंगल १४ जन॰ २०२७ को है, जबकि भारत में १५ जन॰ २०२७ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
पोंगल को और किन नामों से जाना जाता है?
पोंगल को थाई पोंगल, भोगी, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।