कैलगरी में होलिका दहन 2027 रविवार, २१ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है। होलिका दहन मुहूर्त ७:४९ pm – १०:१३ pm है। सूर्योदय ७:३८ am और सूर्यास्त ७:४९ pm पर है।
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
होलिका दहन होली की पूर्वसंध्या पर जलाई जाने वाली अग्नि है, जिसमें होलिका के साथ वर्ष भर का संचित अनिष्ट भी भस्म होता है। यह फाल्गुन की पूर्णिमा को, सूर्यास्त के ठीक बाद के प्रदोष काल में प्रज्वलित की जाती है।
कैसे मनाया जाता है
मोहल्ले चौराहे या खुले मैदान में चिता सजाते हैं और अनाज तथा नारियल की आहुति देते हुए उसकी परिक्रमा करते हैं। अग्नि भद्रा में नहीं जलाई जा सकती — यह अशुभ अर्ध-तिथि प्रायः संध्या को घेर लेती है, ऐसे में दहन भद्रा के बीतने की प्रतीक्षा करता है, और यदि भद्रा अर्धरात्रि के पार चली जाए तो पूरा आयोजन अगले दिन खिसक जाता है।
कैलगरी में होलिका दहन 2027 रविवार, २१ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है।
कैलगरी में होलिका दहन का होलिका दहन मुहूर्त कब है?
कैलगरी में २१ मार्च २०२७ को होलिका दहन मुहूर्त ७:४९ pm – १०:१३ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
कैलगरी में होलिका दहन पर भद्रा है क्या?
हाँ — कैलगरी में २१ मार्च २०२७ को भद्रा ६:५२ am – ५:४५ pm तक रहती है। भद्रा में शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते। ऊपर दिया मुहूर्त (७:४९ pm – १०:१३ pm) भद्रा को पहले ही छोड़ देता है, इसलिए वह समय शुद्ध है।
क्या कैलगरी में होलिका दहन 2027 भारत के समान दिन है?
नहीं। कैलगरी में होलिका दहन २१ मार्च २०२७ को है, जबकि भारत में २२ मार्च २०२७ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
होलिका दहन को और किन नामों से जाना जाता है?
होलिका दहन को छोटी होली, होलिका दहनम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।