कृष्ण जन्माष्टमी 2026

शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६· 8 दिन बाद

संक्षेप में

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है। निशीथ काल ११:५७ pm – १२:४३ am है। सूर्योदय ६:०१ am और सूर्यास्त ६:३८ pm पर है।

अन्य नाम: जन्माष्टमी · गोकुलाष्टमी · कृष्ण जयंती

दुनिया भर की तिथियाँ

शहरतिथि
नई दिल्ली४ सित॰ २०२६
लंदन४ सित॰ २०२६
टोरंटो४ सित॰ २०२६
न्यूयॉर्क४ सित॰ २०२६
ह्यूस्टन४ सित॰ २०२६
सैन होज़े४ सित॰ २०२६
सिडनी४ सित॰ २०२६
सिंगापुर४ सित॰ २०२६
दुबई४ सित॰ २०२६

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

कृष्ण जन्माष्टमी श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण के जन्म का पर्व है। उनका जन्म मथुरा के कारागार में अर्धरात्रि को हुआ था, और पूरा उत्सव उसी घड़ी के इर्द-गिर्द बुना गया है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और नीचे दिए गए निशीथ काल में उसे खोलते हैं — अर्धरात्रि के बाद, यानी अगले कैलेंडर दिन। महाराष्ट्र इसमें दही हांडी जोड़ता है, दही की मटकी फोड़ने के लिए बनाया गया मानव-पिरामिड।

अन्य शहर

दुबईएडिसनह्यूस्टनलंदनन्यूयॉर्कसैन होज़ेसिंगापुरसिडनीटोरंटोबैंगलोरचेन्नईहैदराबादकोलकातामुंबईनई दिल्लीपुणे

अन्य वर्ष

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अन्य त्योहार

रक्षा बंधनगणेश चतुर्थीनाग पंचमीहरियाली तीजगुरु पूर्णिमाशरद नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है।

कृष्ण जन्माष्टमी का निशीथ काल कब है?

४ सित॰ २०२६ को निशीथ काल ११:५७ pm – १२:४३ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

कृष्ण जन्माष्टमी को और किन नामों से जाना जाता है?

कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।