कृष्ण जन्माष्टमी 2024

सोमवार, २६ अगस्त २०२४

संक्षेप में

कृष्ण जन्माष्टमी 2024 सोमवार, २६ अगस्त २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है। निशीथ काल १२:०० am – १२:४५ am है। सूर्योदय ५:५७ am और सूर्यास्त ६:४७ pm पर है।

अन्य नाम: जन्माष्टमी · गोकुलाष्टमी · कृष्ण जयंती

दुनिया भर की तिथियाँ

शहरतिथि
नई दिल्ली२६ अग॰ २०२४
लंदन२६ अग॰ २०२४
टोरंटो२६ अग॰ २०२४
न्यूयॉर्क२६ अग॰ २०२४
ह्यूस्टन२६ अग॰ २०२४
सैन होज़े२६ अग॰ २०२४
सिडनी२७ अग॰ २०२४
सिंगापुर२६ अग॰ २०२४
दुबई२६ अग॰ २०२४

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

कृष्ण जन्माष्टमी श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण के जन्म का पर्व है। उनका जन्म मथुरा के कारागार में अर्धरात्रि को हुआ था, और पूरा उत्सव उसी घड़ी के इर्द-गिर्द बुना गया है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और नीचे दिए गए निशीथ काल में उसे खोलते हैं — अर्धरात्रि के बाद, यानी अगले कैलेंडर दिन। महाराष्ट्र इसमें दही हांडी जोड़ता है, दही की मटकी फोड़ने के लिए बनाया गया मानव-पिरामिड।

अन्य शहर

दुबईएडिसनह्यूस्टनलंदनन्यूयॉर्कसैन होज़ेसिंगापुरसिडनीटोरंटोबैंगलोरचेन्नईहैदराबादकोलकातामुंबईनई दिल्लीपुणे

अन्य वर्ष

कृष्ण जन्माष्टमी 2025कृष्ण जन्माष्टमी 2026

अन्य त्योहार

रक्षा बंधनगणेश चतुर्थीनाग पंचमीहरियाली तीजगुरु पूर्णिमाशरद नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण जन्माष्टमी 2024 कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी 2024 सोमवार, २६ अगस्त २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है।

कृष्ण जन्माष्टमी का निशीथ काल कब है?

२६ अग॰ २०२४ को निशीथ काल १२:०० am – १२:४५ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

कृष्ण जन्माष्टमी को और किन नामों से जाना जाता है?

कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।