कृष्ण जन्माष्टमी 2025

शनिवार, १६ अगस्त २०२५

संक्षेप में

कृष्ण जन्माष्टमी 2025 शनिवार, १६ अगस्त २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है। निशीथ काल १२:०३ am – १२:४७ am है। सूर्योदय ५:५२ am और सूर्यास्त ६:५८ pm पर है।

अन्य नाम: जन्माष्टमी · गोकुलाष्टमी · कृष्ण जयंती

दुनिया भर की तिथियाँ

शहरतिथि
नई दिल्ली१६ अग॰ २०२५
लंदन१६ अग॰ २०२५
टोरंटो१६ अग॰ २०२५
न्यूयॉर्क१६ अग॰ २०२५
ह्यूस्टन१६ अग॰ २०२५
सैन होज़े१६ अग॰ २०२५
सिडनी१६ अग॰ २०२५
सिंगापुर१६ अग॰ २०२५
दुबई१६ अग॰ २०२५

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

कृष्ण जन्माष्टमी श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण के जन्म का पर्व है। उनका जन्म मथुरा के कारागार में अर्धरात्रि को हुआ था, और पूरा उत्सव उसी घड़ी के इर्द-गिर्द बुना गया है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और नीचे दिए गए निशीथ काल में उसे खोलते हैं — अर्धरात्रि के बाद, यानी अगले कैलेंडर दिन। महाराष्ट्र इसमें दही हांडी जोड़ता है, दही की मटकी फोड़ने के लिए बनाया गया मानव-पिरामिड।

अन्य शहर

दुबईएडिसनह्यूस्टनलंदनन्यूयॉर्कसैन होज़ेसिंगापुरसिडनीटोरंटोबैंगलोरचेन्नईहैदराबादकोलकातामुंबईनई दिल्लीपुणे

अन्य वर्ष

कृष्ण जन्माष्टमी 2024कृष्ण जन्माष्टमी 2026कृष्ण जन्माष्टमी 2027

अन्य त्योहार

रक्षा बंधनगणेश चतुर्थीनाग पंचमीहरियाली तीजगुरु पूर्णिमाशरद नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण जन्माष्टमी 2025 कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी 2025 शनिवार, १६ अगस्त २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है।

कृष्ण जन्माष्टमी का निशीथ काल कब है?

१६ अग॰ २०२५ को निशीथ काल १२:०३ am – १२:४७ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

कृष्ण जन्माष्टमी को और किन नामों से जाना जाता है?

कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।