होम › त्योहार › गुरु पूर्णिमा 2027 › जयपुर Advertisement
संक्षेप में
जयपुर में गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, १८ जुलाई २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा है। सूर्योदय ५:४४ am और सूर्यास्त ७:२१ pm पर है।
गुरु पूर्णिमा आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
भारत के समान दिन · गुरु पूर्णिमा 2027 →
अन्य नाम: व्यास पूर्णिमा
जयपुर का समय तिथि
रविवार, १८ जुलाई २०२७
रविवार
पंचांग तिथि
आषाढ़ पूर्णिमा
जयपुर में शुभ मुहूर्त अभिजित मुहूर्त१२:०५ pm – १:०० pm
राहु काल — त्याज्य५:३९ pm – ७:२१ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।
मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
Advertisement
गुरु पूर्णिमा क्या है? गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा को गुरु के, और विशेष रूप से व्यास के, सम्मान का पर्व है। इसे हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों समान रूप से मनाते हैं — कहा जाता है कि बुद्ध ने अपना पहला उपदेश इसी दिन दिया था।
कैसे मनाया जाता है शिष्य अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र और विधिवत प्रणाम अर्पित करते हैं। आश्रमों में पाठ होते हैं, और बहुत से लोग इसी तिथि से अध्ययन या साधना का कोई क्रम आरंभ करते हैं।
अन्य शहर अन्य वर्ष अन्य त्योहार 2027 के शुभ मुहूर्त Advertisement
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न जयपुर में गुरु पूर्णिमा 2027 कब है? जयपुर में गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, १८ जुलाई २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा है।
क्या जयपुर में गुरु पूर्णिमा 2027 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा जयपुर और भारत दोनों में १८ जुल॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
गुरु पूर्णिमा को और किन नामों से जाना जाता है? गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
गुरु पूर्णिमा आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।