वट सावित्री 2027 in जयपुर

शुक्रवार, ४ जून २०२७· 281 दिन बाद

संक्षेप में

जयपुर में वट सावित्री 2027 शुक्रवार, ४ जून २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ५:३३ am और सूर्यास्त ७:१६ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत

जयपुर का समय

तिथि
शुक्रवार, ४ जून २०२७
शुक्रवार
पंचांग तिथि
ज्येष्ठ अमावस्या
सूर्योदय
५:३३ am
सूर्यास्त
७:१६ pm
चंद्रोदय
४:३७ am
चंद्रास्त
७:०३ pm

जयपुर में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:५७ am – १२:५२ pm
राहु काल — त्याज्य१०:४२ am – १२:२५ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

जयपुर का आज का पंचांग

वट सावित्री क्या है?

वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।

कैसे मनाया जाता है

स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

वट सावित्री 2025वट सावित्री 2026वट सावित्री 2028वट सावित्री 2029

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाअक्षय तृतीयारथ यात्रागुरु पूर्णिमाहनुमान जयंतीराम नवमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में वट सावित्री 2027 कब है?

जयपुर में वट सावित्री 2027 शुक्रवार, ४ जून २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।

क्या जयपुर में वट सावित्री 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष वट सावित्री जयपुर और भारत दोनों में ४ जून २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है?

वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।