दिवाली 2024 in सीऐटल

गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४

संक्षेप में

सीऐटल में दिवाली 2024 गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ६:२५ pm – ८:०८ pm है। सूर्योदय ७:५४ am और सूर्यास्त ५:५० pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: दीपावली · दीवाली · लक्ष्मी पूजा

सीऐटल का समय

तिथि
गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४
गुरुवार
पंचांग तिथि
कार्तिक अमावस्या
सूर्योदय
७:५४ am
सूर्यास्त
५:५० pm
चंद्रोदय
७:०९ am
चंद्रास्त
५:१८ pm

सीऐटल में शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त६:२५ pm – ८:०८ pm
अभिजित मुहूर्त१२:३२ pm – १:१२ pm
राहु काल — त्याज्य२:०७ pm – ३:२१ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

सीऐटल का आज का पंचांग

दिवाली क्या है?

दीपावली, दीपों का पर्व, आश्विन के अंत की अमावस्या को पड़ती है — चांद्र वर्ष की सबसे अंधेरी रात, जो राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी की आराधना के रूप में मनाई जाती है। इसकी तिथि इस आधार पर तय होती है कि अमावस्या किस संध्या को घेरती है, क्योंकि लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है।

कैसे मनाया जाता है

घरों की सफ़ाई होती है, रंगोली सजती है और कतार में दीये रखे जाते हैं। लक्ष्मी पूजन नीचे दिए गए प्रदोष काल में किया जाता है, उसके बाद मिठाई, नए वस्त्र और आतिशबाज़ी।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

दिवाली 2025दिवाली 2026

अन्य त्योहार

नरक चतुर्दशीगोवर्धन पूजाधनतेरसभाई दूजछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीऐटल में दिवाली 2024 कब है?

सीऐटल में दिवाली 2024 गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है।

सीऐटल में दिवाली का लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब है?

सीऐटल में ३१ अक्टू॰ २०२४ को लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ६:२५ pm – ८:०८ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या सीऐटल में दिवाली 2024 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष दिवाली सीऐटल और भारत दोनों में ३१ अक्टू॰ २०२४ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

दिवाली को और किन नामों से जाना जाता है?

दिवाली को दीपावली, दीवाली, लक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।