दिवाली 2024

गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४

संक्षेप में

दिवाली 2024 गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है। प्रदोष काल ५:३५ pm – ७:५९ pm है। सूर्योदय ६:३३ am और सूर्यास्त ५:३५ pm पर है।

अन्य नाम: दीपावली · दीवाली · लक्ष्मी पूजा

दुनिया भर की तिथियाँ

शहरतिथि
नई दिल्ली३१ अक्टू॰ २०२४
लंदन३१ अक्टू॰ २०२४
टोरंटो३१ अक्टू॰ २०२४
न्यूयॉर्क३१ अक्टू॰ २०२४
ह्यूस्टन३१ अक्टू॰ २०२४
सैन होज़े३१ अक्टू॰ २०२४
सिडनी१ नव॰ २०२४
सिंगापुर३१ अक्टू॰ २०२४
दुबई३१ अक्टू॰ २०२४

दिवाली क्या है?

दीपावली, दीपों का पर्व, आश्विन के अंत की अमावस्या को पड़ती है — चांद्र वर्ष की सबसे अंधेरी रात, जो राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी की आराधना के रूप में मनाई जाती है। इसकी तिथि इस आधार पर तय होती है कि अमावस्या किस संध्या को घेरती है, क्योंकि लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है।

कैसे मनाया जाता है

घरों की सफ़ाई होती है, रंगोली सजती है और कतार में दीये रखे जाते हैं। लक्ष्मी पूजन नीचे दिए गए प्रदोष काल में किया जाता है, उसके बाद मिठाई, नए वस्त्र और आतिशबाज़ी।

अन्य शहर

दुबईएडिसनह्यूस्टनलंदनन्यूयॉर्कसैन होज़ेसिंगापुरसिडनीटोरंटोबैंगलोरचेन्नईहैदराबादकोलकातामुंबईनई दिल्लीपुणे

अन्य वर्ष

दिवाली 2025दिवाली 2026

अन्य त्योहार

नरक चतुर्दशीधनतेरसगोवर्धन पूजाभाई दूजछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिवाली 2024 कब है?

दिवाली 2024 गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है।

दिवाली का प्रदोष काल कब है?

३१ अक्टू॰ २०२४ को प्रदोष काल ५:३५ pm – ७:५९ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

दिवाली को और किन नामों से जाना जाता है?

दिवाली को दीपावली, दीवाली, लक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।