गोवर्धन पूजा 2024 in सीऐटल

शुक्रवार, १ नवंबर २०२४

संक्षेप में

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2024 शुक्रवार, १ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ७:५५ am – ९:५४ am है। सूर्योदय ७:५५ am और सूर्यास्त ५:४९ pm पर है।

भारत: २ नव॰ २०२४

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

सीऐटल का समय

तिथि
शुक्रवार, १ नवंबर २०२४
शुक्रवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
७:५५ am
सूर्यास्त
५:४९ pm
चंद्रोदय
८:१८ am
चंद्रास्त
५:३६ pm

सीऐटल में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त७:५५ am – ९:५४ am
सायंकाल पूजा मुहूर्त३:५० pm – ५:४९ pm
अभिजित मुहूर्त१२:३२ pm – १:१२ pm
राहु काल — त्याज्य११:३८ am – १२:५२ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

सीऐटल का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2025गोवर्धन पूजा 2026

अन्य त्योहार

दिवालीभाई दूजनरक चतुर्दशीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2024 कब है?

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2024 शुक्रवार, १ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

सीऐटल में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

सीऐटल में १ नव॰ २०२४ को पूजा मुहूर्त ७:५५ am – ९:५४ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2024 भारत के समान दिन है?

नहीं। सीऐटल में गोवर्धन पूजा १ नव॰ २०२४ को है, जबकि भारत में २ नव॰ २०२४ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।