If it cannot be moved
ईशान में सीढ़ी परंपरा की दृष्टि में गंभीर दोष है — सबसे हल्के कोने में भवन का सबसे भारी अंग। यह विरले ही हटती है, इसलिए उपाय हैं — सीढ़ी के नीचे का स्थान खुला और अप्रयुक्त रखना, वहां शौचालय या भंडार न बनाना, और कोने को स्वच्छ तथा प्रकाशित रखना।
What the ईशान governs
ईशान कोण पूरे मंडल का सबसे संरक्षित कोना है। यह जल तत्व का है और शिव का, और हर परंपरा एक ही निर्देश पर सहमत है: इसे हल्का, स्वच्छ, खुला और नीचा रखिए। वास्तु के लगभग सभी गंभीर दोष इसी कोने पर भार डालने के किसी न किसी रूप हैं।
Where the सीढ़ी belongs
सीढ़ी भार और गति दोनों एक साथ है, इसीलिए परंपरा इसे आवागमन नहीं, संरचना की तरह देखती है। यह भारी भाग में आती है, दक्षिणावर्त घूमती है, और योजना के केंद्र पर कभी नहीं बैठती।