If it cannot be moved
नैऋत्य सबसे भारी कोना है और परंपरा इसे स्वागत के लिए नहीं, विश्राम के लिए रखती है। जहां बैठक वहीं निश्चित हो, वहां भारी फ़र्नीचर उसी कोने में रखें और अतिथियों को उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठाएं।
What the नैऋत्य governs
नैऋत्य कोण पृथ्वी का कोना है: योजना का सबसे भारी और सबसे स्थिर भाग। परंपरा यहां वह रखती है जो हिलना नहीं चाहिए, इसीलिए मुख्य शयनकक्ष और संरचनात्मक भार यहां आते हैं और जल नहीं।
Where the बैठक belongs
बैठक वह स्थान है जहां घर अतिथियों से मिलता है, इसलिए परंपरा इसे योजना के खुले, प्रकाशवाले भाग में रखती है और केवल कक्ष नहीं, बैठने की व्यवस्था भी देखती है: गृहस्वामी का मुख पूर्व या उत्तर की ओर।