वैदिक ज्योतिष में वृषभ का अर्थ
वृषभ शुक्र की ऋणात्मक राशि है — स्थिर पृथ्वी — जो ब्रह्म-पुरुष के मुख और गर्दन का प्रतिनिधित्व करती है। राशि क्रमांक 2 के रूप में यह सम्बन्ध, साझेदारी, और भावनाओं के संप्रेषण की प्रबल भावना प्रदान करती है। वृषभ शुक्र (Venus) द्वारा शासित है, जो सौन्दर्य, इन्द्रिय-सुख, और भौतिक आराम के प्रति गहरा लगाव प्रदान करता है। बैल की भाँति — अबाधित होने पर शान्त, उकसाए जाने पर भयंकर — वृषभ जातक स्वभाव से शान्तिप्रिय होते हैं, परन्तु सीमा से परे धकेले जाने पर एक प्रचण्ड, धीरे जलने वाला क्रोध रखते हैं। वे संसार को पाँच इन्द्रियों के माध्यम से अनुभव करते हैं: स्वाद, स्पर्श, गन्ध, दृष्टि, और श्रवण सभी का बड़ा महत्त्व है। उनका मुख्य जीवन-झुकाव है संचय और संरक्षण — धन, सम्बन्ध, आराम, और सुरक्षा का। उनकी प्रवृत्ति है अर्जित करना, संरक्षित करना, और परिष्कृत करना।