सूर्य का दान: क्या दें और किसे दें

संक्षेप में

सूर्य का दान रविवार को दिया जाता है: गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल फूल। दान ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए जहां रत्न रोका जाता है वहां दान बताया जाता है।

एक नज़र में

वार
रविवार
देवता
सूर्य
दान
गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल फूल

यह उपाय काम कैसे करता है

दान किसी विशेष ग्रह के निमित्त, उसके दिन, और उसके कारकत्व से मिलाकर दिया जाता है। शास्त्रीय दृष्टि से यह वह उपाय है जो तब काम आता है जब रत्न संकटपूर्ण हो — यह ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए राहु और शनि के लिए, जहां रत्न रोका जाता है, दान बताया जाता है।

सूर्य का दान पिता और पितृतुल्य जनों को, तथा वृद्ध पुरुषों की सहायता करने वाली संस्थाओं को — रविवार के दिन।

जब ग्रह दबाव में हो

ग्रंथ निर्बल सूर्य को आत्मविश्वास की कमी, ऊर्जा का अभाव और अधिकार-पक्ष तथा पिता से टकराव के रूप में बताते हैं। ये अभ्यास इसी स्थिति के लिए हैं।

सूर्य के अन्य उपाय

माणिक्यमंत्रवार-व्रतसूर्य

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य के उपायों के लिए कौन-सा वार है?

रविवार। सूर्य के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।

क्या सूर्य के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये सूर्य को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। माणिक्य ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।