शनि का दान: क्या दें और किसे दें

संक्षेप में

शनि का दान शनिवार को दिया जाता है: काले तिल, सरसों का तेल, काला वस्त्र, लोहा। दान ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए जहां रत्न रोका जाता है वहां दान बताया जाता है।

एक नज़र में

वार
शनिवार
देवता
हनुमान
दान
काले तिल, सरसों का तेल, काला वस्त्र, लोहा

यह उपाय काम कैसे करता है

दान किसी विशेष ग्रह के निमित्त, उसके दिन, और उसके कारकत्व से मिलाकर दिया जाता है। शास्त्रीय दृष्टि से यह वह उपाय है जो तब काम आता है जब रत्न संकटपूर्ण हो — यह ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए राहु और शनि के लिए, जहां रत्न रोका जाता है, दान बताया जाता है।

शनि का दान काले तिल, सरसों का तेल, लोहा और कंबल है, शनिवार को श्रमिकों, दिव्यांगों और वृद्धों को।

जब ग्रह दबाव में हो

कठिन शनि विलंब, एकाकीपन, दीर्घकालिक तनाव और इस अनुभव के रूप में दिखता है कि परिश्रम फल में नहीं बदल रहा। शनिवार को वृद्धों तथा श्रमिकों की सेवा और हनुमान आराधना इसका शास्त्रीय उत्तर है।

शनि के अन्य उपाय

नीलममंत्रवार-व्रतशनि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनि के उपायों के लिए कौन-सा वार है?

शनिवार। शनि के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।

क्या शनि के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये शनि को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। नीलम ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।