उपाय देखने से पहले यह देखिए कि यह आप पर लागू भी होता है या नहीं। जहां यह बनता है, वहां शास्त्रीय उत्तर मंगल के उपाय हैं — सर्वोपरि मंगलवार को हनुमान आराधना — और परंपरा से कुंभ विवाह, वह प्रतीकात्मक विवाह जो दोष का संक्रमण कर देता है।
मांगलिक दोष के उपाय किसलिए
मांगलिक दोष का अर्थ है मंगल का उन भावों में होना जो शास्त्रीय रूप से विवाह पर दबाव डालते हैं। भारतीय ज्योतिष में यह सबसे अधिक भय और सबसे अधिक अति-निदान वाली स्थिति है — बड़ी संख्या में कुंडलियों में यह किसी न किसी रूप में मिलता है, और उनमें से भी बहुतों में कोई न कोई मानक भंग-योग होता है।
क्या मंगल के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?
मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये मंगल को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। मूंगा ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।
मंगल के उपायों के लिए कौन-सा वार है?
मंगलवार। मंगल के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।