पुखराज (गुरु रत्न): किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं

संक्षेप में

पुखराज बृहस्पति का रत्न है। शास्त्रीय रूप से यह मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन लग्न के लिए अनुकूल है। वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर लग्न को इसे नहीं पहनना चाहिए। शेष हर लग्न के लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है — रत्न दोनों ही दिशाओं में ग्रह को बढ़ाता है।

अन्य नाम: पीला पुखराज · गुरु रत्न

एक नज़र में

वार
गुरुवार
देवता
विष्णु
रंग
पीला

यह उपाय काम कैसे करता है

माना जाता है कि ग्रह-रत्न अपने ग्रह की किरणों को ग्रहण कर संचारित करता है, इसीलिए शास्त्रीय उपायों में यह सबसे प्रबल हस्तक्षेप है — और अकेला ऐसा जो स्थिति बिगाड़ भी सकता है। यह वही बढ़ाता है जो ग्रह आपकी कुंडली में पहले से कर रहा है, इसलिए यह कुंडली देखकर बताया जाता है, इच्छा देखकर नहीं।

पुखराज गुरु के लिए गुरुवार को धारण किया जाता है। भारत में यह सबसे सहजता से पहना जाने वाला रत्न है और यही वह रत्न है जिसके विरुद्ध यह तालिका सबसे अधिक बार जाती है।

पुखराज के उपाय किसलिए

पुखराज गुरु का रत्न है और भारतीय परंपरा में सबसे अधिक धारण किया जाने वाला रत्न — ज्ञान, वृद्धि, विवाह-योग और सामान्य सौभाग्य के लिए।

पुखराज किसे पहनना चाहिए?

लग्ननिर्णय
मेषअनुकूल
वृषभवर्जित
मिथुनवर्जित
कर्कअनुकूल
सिंहअनुकूल
कन्यावर्जित
तुलाकुंडली देखकर
वृश्चिकअनुकूल
धनुअनुकूल
मकरवर्जित
कुंभकुंडली देखकर
मीनअनुकूल

खरीदने से पहले

इसका “सबके लिए सुरक्षित” वाला नाम ही समस्या है। जिन लग्नों के लिए गुरु कार्येश पापी है, वहां यह वांछित से उल्टा फल दे सकता है — अति-विस्तार, अतिरेक और आर्थिक हानि। खरीदने से पहले ऊपर दी गई तालिका देखें।

उपरत्न

पीला टोपाज · हेलियोडोर · पीला टूमलाइन

बृहस्पति के अन्य उपाय

मंत्रवार-व्रतदानबृहस्पति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुखराज किसे नहीं पहनना चाहिए?

पुखराज वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर लग्न को नहीं पहनना चाहिए, जहां वह ग्रह कार्येश पापी है और रत्न ठीक उसी बात को बढ़ाता है जिसे आप सुधारना चाहते थे। जो लग्न अनुकूल सूची में नहीं हैं, उनके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।

पुखराज के स्थान पर क्या पहना जा सकता है?

मान्य उपरत्न हैं पीला टोपाज, हेलियोडोर, पीला टूमलाइन। इन पर भी मुख्य रत्न जैसी ही चेतावनी लागू है: उपरत्न सस्ता है, पर निर्णय ग्रह करता है, मूल्य नहीं।

क्या बृहस्पति के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये बृहस्पति को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। पुखराज ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।