बृहस्पति का दान: क्या दें और किसे दें

संक्षेप में

बृहस्पति का दान गुरुवार को दिया जाता है: चना दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, पुस्तकें। दान ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए जहां रत्न रोका जाता है वहां दान बताया जाता है।

एक नज़र में

वार
गुरुवार
देवता
विष्णु
दान
चना दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, पुस्तकें

यह उपाय काम कैसे करता है

दान किसी विशेष ग्रह के निमित्त, उसके दिन, और उसके कारकत्व से मिलाकर दिया जाता है। शास्त्रीय दृष्टि से यह वह उपाय है जो तब काम आता है जब रत्न संकटपूर्ण हो — यह ग्रह को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करता है, इसीलिए राहु और शनि के लिए, जहां रत्न रोका जाता है, दान बताया जाता है।

गुरु का दान हल्दी, पीला वस्त्र और धर्मग्रंथ है, गुरुवार को गुरुजनों, मंदिरों और विद्यालयों को।

जब ग्रह दबाव में हो

पीड़ित गुरु त्रुटिपूर्ण निर्णय, हाथ से निकलते अवसर, गुरुजनों या संतान से कठिनाई और अपनी ही दिशा पर से भरोसा उठने के रूप में दिखता है। गुरुवार का व्रत और गुरुजनों की सेवा इसका शास्त्रीय उत्तर है।

बृहस्पति के अन्य उपाय

पुखराजमंत्रवार-व्रतबृहस्पति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृहस्पति के उपायों के लिए कौन-सा वार है?

गुरुवार। बृहस्पति के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।

क्या बृहस्पति के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये बृहस्पति को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। पुखराज ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।