आपको बार-बार गतिविधि और परिवेश में बदलाव चाहिए होता है, वरना आप बेचैन महसूस करते हैं। आपको अपनी मानसिक चपलता और अपनी मित्रताओं पर गर्व होता है। आप जिस भी माहौल में हों, वहाँ बड़ी सहजता से ढल जाते हैं।
बुद्धि एवं संप्रेषण: अपना ज्ञान दूसरों तक पहुँचाने और स्वयं सीखते रहने की प्रबल आवश्यकता आपके भीतर रहती है। आपकी जिज्ञासा असीम है। आप जीवन में तेज़ी से शुरुआत करते हैं और जो भी करते हैं उसमें निपुण होने की अपेक्षा रखते हैं। आपकी दृष्टि में योग्यता मुख्यतः अनुभव से आती है, इसलिए आप जीवन के आरंभ में ही लोगों और अपने परिवेश की व्यापक समझ बनाने में जुट जाते हैं।
सावधानी: अपनी बुद्धि का रौब दूसरों पर जमाने या हमेशा "सब कुछ जानने वाला" बनने की आवश्यकता महसूस करने से बचें।
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