होम › त्योहार › विषु 2027 › लखनऊ Advertisement
संक्षेप में
लखनऊ में विषु 2027 गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७ को है। सूर्योदय ५:४४ am और सूर्यास्त ६:२९ pm पर है।
विषु आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
भारत के समान दिन · विषु 2027 →
अन्य नाम: विषुक्कणि · मलयाली नववर्ष · विशु
लखनऊ का समय तिथि
गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७
गुरुवार
लखनऊ में शुभ मुहूर्त अभिजित मुहूर्त११:४१ am – १२:३२ pm
राहु काल — त्याज्य१:४२ pm – ३:१७ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।
मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
Advertisement
विषु क्या है? विषु केरल का ज्योतिषीय नववर्ष है, मेडम मास का पहला दिन, और वही मेष संक्रांति जिसे तमिलनाडु पुथांडु के रूप में मनाता है। केरल इसे सूर्यास्त से नहीं, अगली भोर से तय करता है, क्योंकि यहां पर्व का केंद्र विषुक्कणि है — नववर्ष में आंख खुलते ही पड़ने वाला पहला दृश्य — इसलिए दिन चढ़े हुई संक्रांति अगली सुबह की मानी जाती है।
कैसे मनाया जाता है कणि एक रात पहले सजाई जाती है: कोन्ना के पीले फूल, चावल, दर्पण, स्वर्ण, जलता दीप और कृष्ण का विग्रह — इस तरह कि भोर में आंखें मूंदे लाए गए व्यक्ति की पहली दृष्टि उसी पर पड़े। फिर बड़े विषुक्कैनीट्टम देते हैं, हथेली में रखा हुआ एक सिक्का, और दिन सद्या के साथ पूरा होता है।
अन्य शहर अन्य वर्ष अन्य त्योहार 2027 के शुभ मुहूर्त Advertisement
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न लखनऊ में विषु 2027 कब है? लखनऊ में विषु 2027 गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७ को है।
क्या लखनऊ में विषु 2027 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष विषु लखनऊ और भारत दोनों में १५ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
विषु को और किन नामों से जाना जाता है? विषु को विषुक्कणि, मलयाली नववर्ष, विशु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
विषु आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।