वट सावित्री 2026 in ऑकलंड

रविवार, १७ मई २०२६

संक्षेप में

ऑकलंड में वट सावित्री 2026 रविवार, १७ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ७:१४ am और सूर्यास्त ५:१९ pm पर है।

भारत: १६ मई २०२६

अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत

ऑकलंड का समय

तिथि
रविवार, १७ मई २०२६
रविवार
पंचांग तिथि
ज्येष्ठ अमावस्या
सूर्योदय
७:१४ am
सूर्यास्त
५:१९ pm
चंद्रोदय
७:३१ am
चंद्रास्त
५:०९ pm

ऑकलंड में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:५६ am – १२:३७ pm
राहु काल — त्याज्य४:०४ pm – ५:१९ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

ऑकलंड का आज का पंचांग

वट सावित्री क्या है?

वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।

कैसे मनाया जाता है

स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।

अन्य शहर

वेलिंगटनबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्क

अन्य वर्ष

वट सावित्री 2024वट सावित्री 2025वट सावित्री 2027वट सावित्री 2028

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाअक्षय तृतीयाविषुबैसाखीपुथांडुहनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑकलंड में वट सावित्री 2026 कब है?

ऑकलंड में वट सावित्री 2026 रविवार, १७ मई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।

क्या ऑकलंड में वट सावित्री 2026 भारत के समान दिन है?

नहीं। ऑकलंड में वट सावित्री १७ मई २०२६ को है, जबकि भारत में १६ मई २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है?

वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।