विवाह मुहूर्त 2026

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय (IST)

संक्षेप में

2026 में 43 दिन विवाह मुहूर्त के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, 19 फ़रवरी 2026 से 12 दिसंबर 2026 तक। सबसे अधिक तिथियाँ मई और दिसंबर में हैं। खरमास, शुक्र अस्त, अधिक मास, गुरु अस्त और चातुर्मास में कोई तिथि नहीं है।

महीनेवार तिथियाँ

जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई तिथि नहीं।

फ़रवरी 2026 · 5 दिन

दिनांकमुहूर्त
19 फ़रवरी
गुरुवार
रात 8:52 बजे से सुबह 6:56 बजे (20 फ़रवरी)
उत्तर भाद्रपद · शुक्ल पक्ष तृतीया
20 फ़रवरी
शुक्रवार
सुबह 6:56 बजे से सुबह 8:21 बजे
सुबह 9:45 बजे से सुबह 11:10 बजे
दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 2:39 बजे
उत्तर भाद्रपद · शुक्ल पक्ष तृतीया
21 फ़रवरी
शनिवार
दोपहर 1:01 बजे से दोपहर 1:59 बजे
दोपहर 3:24 बजे से रात 7:07 बजे
रेवती · शुक्ल पक्ष पंचमी
25 फ़रवरी
बुधवार
रात 2:41 बजे (26 फ़रवरी) से सुबह 6:50 बजे
मृगशिरा · शुक्ल पक्ष दशमी
26 फ़रवरी
गुरुवार
सुबह 8:16 बजे से सुबह 9:42 बजे
सुबह 11:08 बजे से दोपहर 12:11 बजे
मृगशिरा · शुक्ल पक्ष दशमी

मार्च 2026 · 4 दिन

दिनांकमुहूर्त
2 मार्च
सोमवार
सुबह 5:28 बजे (3 मार्च) से सुबह 6:45 बजे
मघा · पूर्णिमा
7 मार्च
शनिवार
रात 7:18 बजे से सुबह 6:40 बजे (8 मार्च)
स्वाति · कृष्ण पक्ष पंचमी
9 मार्च
सोमवार
शाम 4:11 बजे से रात 11:27 बजे
अनुराधा · कृष्ण पक्ष षष्ठी
14 मार्च
शनिवार
सुबह 8:11 बजे से सुबह 9:31 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष एकादशी

अप्रैल 2026 · 6 दिन

दिनांकमुहूर्त
15 अप्रैल
बुधवार
दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे
उत्तर भाद्रपद · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
19 अप्रैल
रविवार
सुबह 4:35 बजे (20 अप्रैल) से सुबह 5:51 बजे
रोहिणी · शुक्ल पक्ष तृतीया
20 अप्रैल
सोमवार
सुबह 5:51 बजे से सुबह 7:28 बजे
सुबह 4:15 बजे (21 अप्रैल) से सुबह 5:50 बजे
रोहिणी, मृगशिरा · शुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्ल पक्ष पंचमी
25 अप्रैल
शनिवार
रात 11:43 बजे से सुबह 5:46 बजे (26 अप्रैल)
मघा · शुक्ल पक्ष दशमी
26 अप्रैल
रविवार
सुबह 5:46 बजे से दोपहर 12:19 बजे
दोपहर 1:57 बजे से दोपहर 3:35 बजे
शाम 6:52 बजे से रात 8:27 बजे
मघा · शुक्ल पक्ष दशमी, शुक्ल पक्ष एकादशी
29 अप्रैल
बुधवार
सुबह 5:43 बजे से सुबह 7:22 बजे
सुबह 9:01 बजे से सुबह 10:39 बजे
दोपहर 1:57 बजे से रात 7:52 बजे
हस्त · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी

मई 2026 · 7 दिन

दिनांकमुहूर्त
1 मई
शुक्रवार
सुबह 10:01 बजे से सुबह 10:39 बजे
दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 3:36 बजे
शाम 5:16 बजे से रात 9:13 बजे
स्वाति · पूर्णिमा
3 मई
रविवार
सुबह 7:10 बजे से दोपहर 12:18 बजे
दोपहर 1:57 बजे से दोपहर 3:37 बजे
शाम 6:56 बजे से रात 10:28 बजे
अनुराधा · कृष्ण पक्ष द्वितीया
6 मई
बुधवार
सुबह 8:57 बजे से सुबह 10:37 बजे
दोपहर 1:58 बजे से दोपहर 3:53 बजे
मूल · कृष्ण पक्ष पंचमी
7 मई
गुरुवार
शाम 6:46 बजे से सुबह 5:36 बजे (8 मई)
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष षष्ठी
8 मई
शुक्रवार
सुबह 5:36 बजे से सुबह 7:16 बजे
सुबह 8:57 बजे से सुबह 10:37 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष षष्ठी
13 मई
बुधवार
रात 8:55 बजे से सुबह 5:32 बजे (14 मई)
उत्तर भाद्रपद, रेवती · कृष्ण पक्ष द्वादशी
14 मई
गुरुवार
सुबह 7:13 बजे से सुबह 8:54 बजे
सुबह 10:36 बजे से दोपहर 1:59 बजे
दोपहर 3:40 बजे से रात 10:34 बजे
रेवती · कृष्ण पक्ष द्वादशी, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

जून 2026 · 6 दिन

दिनांकमुहूर्त
19 जून
शुक्रवार
सुबह 10:07 बजे से सुबह 10:38 बजे
दोपहर 12:22 बजे से दोपहर 2:53 बजे
मघा · शुक्ल पक्ष पंचमी
21 जून
रविवार
सुबह 9:31 बजे से सुबह 11:21 बजे
उत्तर फाल्गुनी · शुक्ल पक्ष सप्तमी
24 जून
बुधवार
दोपहर 2:08 बजे से सुबह 5:26 बजे (25 जून)
स्वाति · शुक्ल पक्ष दशमी, शुक्ल पक्ष एकादशी
26 जून
शुक्रवार
रात 7:16 बजे से सुबह 5:26 बजे (27 जून)
अनुराधा · शुक्ल पक्ष द्वादशी, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
27 जून
शनिवार
सुबह 7:11 बजे से सुबह 8:55 बजे
सुबह 10:39 बजे से दोपहर 2:08 बजे
दोपहर 3:52 बजे से रात 10:11 बजे
अनुराधा · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
29 जून
सोमवार
शाम 4:17 बजे से सुबह 4:04 बजे (30 जून)
मूल · पूर्णिमा

जुलाई 2026 · 4 दिन

दिनांकमुहूर्त
1 जुलाई
बुधवार
सुबह 8:56 बजे से सुबह 10:40 बजे
दोपहर 2:09 बजे से शाम 4:04 बजे
उत्तराषाढ़ा · कृष्ण पक्ष द्वितीया
6 जुलाई
सोमवार
रात 1:41 बजे (7 जुलाई) से सुबह 5:30 बजे
उत्तर भाद्रपद · कृष्ण पक्ष सप्तमी
11 जुलाई
शनिवार
रात 12:05 बजे (12 जुलाई) से सुबह 5:32 बजे
रोहिणी · कृष्ण पक्ष द्वादशी, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
12 जुलाई
रविवार
सुबह 5:32 बजे से दोपहर 12:26 बजे
दोपहर 2:10 बजे से दोपहर 3:53 बजे
रात 7:20 बजे से रात 10:30 बजे
रोहिणी, मृगशिरा · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

नवंबर 2026 · 4 दिन

दिनांकमुहूर्त
21 नवंबर
शनिवार
सुबह 8:08 बजे से सुबह 9:28 बजे
सुबह 10:47 बजे से दोपहर 1:26 बजे
दोपहर 2:45 बजे से रात 2:30 बजे (22 नवंबर)
रेवती · शुक्ल पक्ष द्वादशी
25 नवंबर
बुधवार
शाम 4:51 बजे से सुबह 6:53 बजे (26 नवंबर)
रोहिणी, मृगशिरा · कृष्ण पक्ष द्वितीया
26 नवंबर
गुरुवार
सुबह 8:12 बजे से सुबह 9:30 बजे
सुबह 10:49 बजे से दोपहर 1:26 बजे
दोपहर 2:45 बजे से शाम 5:47 बजे
मृगशिरा · कृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
30 नवंबर
सोमवार
दोपहर 12:55 बजे से दोपहर 1:27 बजे
मघा · कृष्ण पक्ष सप्तमी

दिसंबर 2026 · 7 दिन

दिनांकमुहूर्त
2 दिसंबर
बुधवार
रात 10:52 बजे से सुबह 6:58 बजे (3 दिसंबर)
उत्तर फाल्गुनी · कृष्ण पक्ष दशमी
3 दिसंबर
गुरुवार
सुबह 8:16 बजे से सुबह 9:34 बजे
रात 11:04 बजे से सुबह 6:59 बजे (4 दिसंबर)
उत्तर फाल्गुनी, हस्त · कृष्ण पक्ष दशमी, कृष्ण पक्ष एकादशी
4 दिसंबर
शुक्रवार
सुबह 6:59 बजे से सुबह 8:17 बजे
सुबह 9:35 बजे से सुबह 10:23 बजे
हस्त · कृष्ण पक्ष एकादशी
5 दिसंबर
शनिवार
सुबह 11:49 बजे से दोपहर 1:29 बजे
दोपहर 2:47 बजे से सुबह 7:01 बजे (6 दिसंबर)
स्वाति · कृष्ण पक्ष द्वादशी, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
6 दिसंबर
रविवार
सुबह 7:01 बजे से सुबह 7:42 बजे
स्वाति · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
11 दिसंबर
शुक्रवार
रात 3:04 बजे (12 दिसंबर) से सुबह 7:05 बजे
उत्तराषाढ़ा · शुक्ल पक्ष तृतीया
12 दिसंबर
शनिवार
सुबह 8:22 बजे से सुबह 9:39 बजे
सुबह 10:57 बजे से दोपहर 1:32 बजे
उत्तराषाढ़ा · शुक्ल पक्ष तृतीया

कुछ महीनों में तिथियाँ क्यों नहीं हैं

इन अवधियों में विवाह या गृह प्रवेश नहीं होता, दिन का नक्षत्र और तिथि चाहे जो हो:

  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 1 जनवरी से 14 जनवरी तक
  • शुक्र अस्त, जब शुक्र अस्त हो: 1 जनवरी से 17 फ़रवरी तक
  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 15 मार्च से 14 अप्रैल तक
  • अधिक मास (मलमास), पंचांग को सूर्य के साथ मिलाए रखने के लिए जोड़ा गया अतिरिक्त चांद्र मास: 17 मई से 15 जून तक
  • गुरु अस्त, जब बृहस्पति अस्त हो: 15 जुलाई से 13 अगस्त तक
  • चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक: 25 जुलाई से 20 नवंबर तक
  • शुक्र अस्त, जब शुक्र अस्त हो: 20 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक
  • खरमास, जब सूर्य धनु या मीन में हो: 17 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

  • चंद्रमा उन नक्षत्रों में हो जो शास्त्र विवाह के लिए बताते हैं: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद, रेवती।
  • तिथि प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या न हो।
  • दिन मंगलवार न हो।
  • भद्रा (विष्टि करण), अशुभ योग, राहु काल, यमगंड और गुलिक हर मुहूर्त से हटाए गए हैं, और आधे घंटे से छोटा मुहूर्त छोड़ दिया गया है।
  • मुहूर्त सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिने जाते हैं, इसलिए कई मुहूर्त रात भर चलते हैं, जैसे विवाह अक्सर होते हैं। पंचांग की तरह हर मुहूर्त उस दिन के नीचे लिखा है जिसके सूर्योदय के बाद वह आता है, इसलिए सुबह 4 बजे शुरू होने वाला मुहूर्त पिछली तारीख के नीचे मिलेगा।
  • खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, या गुरु अथवा शुक्र के अस्त रहने के दौरान कोई मुहूर्त नहीं है।

यह पन्ना क्या नहीं करता

परिवार के पुरोहित आमतौर पर इनमें से किसी मुहूर्त के भीतर लग्न देखकर सटीक समय तय करते हैं, और कुछ परंपराएँ होलाष्टक और पंचक भी मानती हैं, जिन्हें यह पन्ना नहीं जाँचता। पंचांग भी इस पर अलग-अलग राय रखते हैं कि कौन सी तिथियाँ और वार मान्य हैं। यह पन्ना सख्त व्याख्या मानता है, इसलिए इसमें कुछ पंचांगों से कम तिथियाँ हैं।

GrahaVaani द्वारा नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय नियमों से निकाला गया। भारत में कहीं और समय कुछ मिनट, और विदेश में अधिक, बदलता है। विवाह या गृह प्रवेश के लिए समय अपने पुरोहित से अवश्य पक्का करें।